दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल में इस साल के अंत तक एक ऐतिहासिक नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि John Ternus अब Tim Cook की जगह लेंगे और एप्पल के नए CEO के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। टिम कुक इस पद को छोड़ने के बाद पूरी तरह विदा नहीं होंगे, बल्कि वे भविष्य में बोर्ड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में नजर आएंगे। इस पूरे बड़े बदलाव में एक और नाम बहुत मजबूती से उभर कर सामने आया है और वह नाम Johny Srouji का है। उन्हें कंपनी का नया चीफ हार्डवेयर ऑफिसर नियुक्त किया गया है, जो एप्पल के आने वाले उत्पादों की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जॉनी श्रीउजी की यह नई भूमिका इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अब उनके पास हार्डवेयर इंजीनियरिंग और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी जैसी दो विशाल टीमों का साझा नेतृत्व होगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब एप्पल के उपकरणों को डिजाइन करने वाली टीमें और उन उपकरणों के भीतर इस्तेमाल होने वाली तकनीक बनाने वाली टीमें एक साथ मिलकर काम करेंगी। कंपनी का मानना है कि इस एकीकरण से एप्पल के उत्पादों में और भी अधिक मजबूती आएगी और इनोवेशन की रफ्तार पहले से कहीं तेज होगी। श्रीउजी साल 2008 से ही एप्पल के साथ जुड़े हुए हैं और कंपनी के इतिहास के सबसे क्रांतिकारी बदलावों में से एक यानी खुद के इन-हाउस चिप्स बनाने में उनका सबसे बड़ा योगदान रहा है।
एप्पल सिलिकॉन के पीछे का असली दिमाग जॉनी श्रीउजी को ही माना जाता है। उन्होंने कंपनी के पहले कस्टम चिप A4 से अपने सफर की शुरुआत की थी और आज एप्पल सिलिकॉन आईफोन से लेकर मैक तक के सभी डिवाइस को शक्ति प्रदान करता है। उनका कार्य केवल प्रोसेसर विकसित करने तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने बैटरी, कैमरा, सेंसर, डिस्प्ले और मॉडेम जैसी जटिल तकनीकों को संवारने में भी अपनी अहम भूमिका निभाई है। टिम कुक ने भी उनकी असाधारण प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें उन सबसे प्रतिभाशाली लोगों में से एक बताया है जिनके साथ उन्होंने कभी काम किया है।
अब जॉनी श्रीउजी एक ऐसे एकीकृत हार्डवेयर डिवीजन का नेतृत्व करेंगे जिसमें सिलिकॉन, एडवांस टेक्नोलॉजी, प्लेटफॉर्म आर्किटेक्चर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे पांच बड़े विभाग शामिल होंगे। यह बदलाव केवल प्रबंधन को सरल बनाने के लिए नहीं किया गया है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न टीमों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है। एप्पल की सबसे बड़ी सफलता हमेशा से उसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बेहतरीन तालमेल पर टिकी रही है और अब इस नए संगठनात्मक बदलाव के बाद यह जुगलबंदी और भी अधिक प्रभावशाली होने की उम्मीद जताई जा रही है। टर्नस और श्रीउजी की यह नई जोड़ी एप्पल को भविष्य की नई चुनौतियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
