Chaitra Navratri 2026 Day 7 Maa Kalratri Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। यह दिन विशेष रूप से भय, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्त इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ मां की पूजा करते हैं और जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होने लगते हैं।
मां कालरात्रि का महत्व
मां कालरात्रि को देवी दुर्गा का सबसे शक्तिशाली और उग्र रूप माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना करने से व्यक्ति हर प्रकार के डर से मुक्त हो जाता है। कहा जाता है कि मां अपने भक्तों को अकाल मृत्यु के भय से बचाती हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करती हैं। उन्हें महायोगिनी और महायोगेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है और उनकी कृपा से साधक को साहस और आत्मबल मिलता है।
मां कालरात्रि की पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर गंगाजल से शुद्ध किया जाता है। मां कालरात्रि की प्रतिमा या चित्र के सामने घी का दीपक जलाकर पूजा आरंभ की जाती है। उन्हें रोली, अक्षत और फूल अर्पित किए जाते हैं, विशेष रूप से गुड़हल या रातरानी का फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
पूजा के दौरान धूप और दीप जलाकर मां की विधिपूर्वक आराधना की जाती है। मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह उनका प्रिय भोग है। अंत में कपूर या दीपक से आरती की जाती है और परिवार के साथ माता के जयकारे लगाए जाते हैं।

मंत्र और पाठ का महत्व
मां कालरात्रि की पूजा में मंत्र जाप और धार्मिक पाठ का विशेष महत्व होता है। इस दिन दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से मंत्रों का जाप करने से पूजा का प्रभाव और बढ़ जाता है। यदि लाल चंदन की माला उपलब्ध न हो तो रुद्राक्ष की माला का उपयोग भी किया जा सकता है।
नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग नकारात्मक ऊर्जा, तंत्र-मंत्र या शत्रु बाधा से परेशान होते हैं, उन्हें इस दिन मां कालरात्रि की विशेष पूजा करनी चाहिए। सच्चे मन से की गई आराधना से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है।
रोगों से मुक्ति का विश्वास
मां कालरात्रि को रोगों का नाश करने वाली देवी भी माना जाता है। उनकी पूजा से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। इस दिन गुड़ का भोग लगाना और प्रसाद के रूप में ग्रहण करना शुभ और लाभकारी माना जाता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।
