गाजियाबाद: देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद के गांव नचौली से गिरफ्तार किया है। नौशाद वहां एक पेट्रोल पंप पर पिछले तीन महीनों से पंचर बनाने की दुकान की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक मुख्य सरगना सुहेल सहित कुल 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, विशेषकर रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की गोपनीय तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह ने दिल्ली और हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास ‘लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग’ के लिए सोलर ऑपरेटेड कैमरे तक इंस्टॉल कर दिए थे। इन कैमरों का सीधा एक्सेस पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के पास था, जो वहां से भारतीय सीमा के भीतर की लाइव हलचल देख रहे थे। जांच में सामने आया है कि अब तक 450 से अधिक संवेदनशील फोटो और वीडियो सीमा पार भेजे जा चुके हैं।
गिरफ्तारी की कहानी भी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 16 मार्च को गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में लोकेशन ट्रैक करते हुए फरीदाबाद पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने पहले सामान्य पूछताछ की और जब पुष्टि हो गई कि पंचर की दुकान चलाने वाला ‘लालू’ ही नौशाद अली है, तो उसे दबोच लिया गया। नौशाद मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्यों को एक फोटो भेजने के बदले 4 से 6 हजार रुपये और कैमरा लगाने के लिए 10 से 15 हजार रुपये दिए जाते थे। पुलिस ने दिल्ली कैंट और सोनीपत में लगाए गए कैमरों को रिकवर कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
इस नेटवर्क का जाल कितना गहरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेरठ के सुहेल ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसके जरिए वह युवाओं को लालच देकर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करता था। गिरोह का इरादा देशभर में ऐसे 50 सोलर कैमरे लगाने का था। फिलहाल यूपी पुलिस के साथ-साथ यूपी एटीएस, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की टीमें भी पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इस जासूसी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके। रविवार को जब पुलिस दोबारा जांच के लिए पेट्रोल पंप पहुंची और स्थानीय लोगों को नौशाद के देशद्रोह में शामिल होने की जानकारी मिली, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
