Airfare Hike: भारत में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिन जेब पर भारी पड़ने वाले हैं। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक स्तर पर विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के कारण इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने टिकटों पर ‘फ्यूल सरचार्ज’ (ईंधन शुल्क) लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किरायों में तत्काल प्रभाव से बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है।
ब्लूमबर्ग की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के प्रमुख विली वॉल्श ने वैश्विक हवाई किरायों में 9 प्रतिशत तक की वृद्धि की चेतावनी दी है। एयरलाइंस का कहना है कि परिचालन लागत का लगभग एक-चौथाई हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, और मौजूदा युद्ध संकट के बीच बढ़ती कीमतों का बोझ उठाना अब उनके लिए संभव नहीं रह गया है।
Fuel charge on bookings
— IndiGo (@IndiGo6E) March 13, 2026
Due to the sharp increase in fuel prices amid the evolving geopolitical situation in parts of the Middle East, IndiGo will implement a fuel charge on domestic and international routes for bookings made on or after 14 March 2026.
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घोषणा की है कि वह 14 मार्च से अपनी उड़ानों पर 425 रुपये से लेकर 2,300 रुपये तक का फ्यूल चार्ज वसूलना शुरू कर चुकी है। वहीं, टाटा समूह की एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 12 मार्च से ही घरेलू उड़ानों पर 399 रुपये का सरचार्ज लागू कर दिया है। अकासा एयर ने भी 15 मार्च 2026 से प्रभावी होने वाली बुकिंग्स के लिए 199 रुपये से लेकर 1,300 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क तय किया है, जो उड़ान की अवधि और दूरी के आधार पर अलग-अलग होगा।
Important update pic.twitter.com/kdBhX3aCXW
— Akasa Air (@AkasaAir) March 14, 2026
फ्यूल सरचार्ज दरअसल वह अतिरिक्त शुल्क है जो एयरलाइंस तब जोड़ती हैं जब जेट फ्यूल की कीमतों में अचानक और भारी उछाल आता है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिससे कच्चे तेल के साथ-साथ विमान ईंधन के दाम भी आसमान छू रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो हवाई यात्रा के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ना तय है।
