मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेना ने दक्षिण ईरान स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कोर्नाक नेवल बेस (Konarak Naval Base) पर जोरदार हमला किया है। ओमान की खाड़ी के पास स्थित इस बेस पर हुए हमले में ईरान के कम से कम तीन युद्धपोत डूब गए हैं और कई महत्वपूर्ण सैन्य इमारतें पूरी तरह तबाह हो गई हैं।
रविवार को जारी हुई नवीनतम सैटेलाइट तस्वीरों में नेवल बेस के भीतर मलबे के ढेर और जली हुई इमारतें साफ देखी जा सकती हैं। हालांकि, अभी तक इस ऑपरेशन के कुल प्रभाव या हताहतों की संख्या का कोई आधिकारिक असेसमेंट सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स नौसैनिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचने की ओर इशारा कर रही हैं।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और खामेनेई की मौत
यह हमला अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का हिस्सा है, जिसे इजरायल का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु गतिविधियों और सैन्य ढांचे को नष्ट करना है।
गौरतलब है कि इसी ऑपरेशन के तहत शनिवार को हुए एक बड़े हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
ईरान का पलटवार और क्षेत्रीय तनाव
ईरान ने भी इन हमलों का कड़ा जवाब देते हुए सात अलग-अलग देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलें दागी हैं। अमेरिका का कहना है कि उसने यह कदम ईरान द्वारा परमाणु कार्यक्रम जारी रखने और कूटनीतिक रास्तों को ठुकराने के बाद उठाया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ती इस सैन्य होड़ ने वैश्विक सुरक्षा और तेल आपूर्ति मार्गों पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ते मिसाइल हमलों के कारण स्थिति एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ सकती है।
