रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इस संघर्ष का कोई समाधान नहीं निकल सका है। युद्ध खत्म कराने के लिए की गई सारी कोशिशें नाकाम रही हैं और स्थिति लगातार गंभीर होती गई है। इसी बीच अमेरिकी समाचार एजेंसी एपी ने दावा किया है कि अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए एक नए शांति प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है। इस प्रस्ताव में रूस को भूमि सौंपने और यूक्रेन की सेना के आकार को सीमित करने का सुझाव शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के सैन्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में यूक्रेन पहुंचे हैं, जहां उन्होंने शांति वार्ता की संभावनाओं पर बातचीत की। हालांकि, व्हाइट हाउस के उप प्रमुख स्टीफन मिलर ने इस मसौदे पर विस्तृत बयान देने से इनकार किया, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप का उद्देश्य यूरोप में स्थिरता लाना और निर्दोष लोगों की जान बचाना है।
जेलेंस्की ने प्रस्ताव किया खारिज
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य सचिव समेत कई हाई लेवल के सैन्य अधिकारी शांति वार्ता में मदद के लिए यूक्रेन भी पहुँचे हैं। अमेरिकी व्हाइट हाउस के उप प्रमुख स्टीफन मिलर ने नए शांति प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी नहीं की है, हालांकि, उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप का मकसद यूरोप में शांति स्थापित करना और निर्दोष लोगों की जान बचाना है। हालाँकि, खबर यह भी है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की इस प्रस्ताव को पहले ही खारिज कर चुके हैं।
अमेरिका और रूस का रुख
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके अधिकारी एक स्थायी शांति समझौते की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं और आगे भी प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी भी समाधान के लिए दोनों पक्षों को कठिन समझौते करने होंगे।
रूस ने भी अमेरिका के इस शांति प्रयास पर प्रतिक्रिया दी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि इस समय रूस और अमेरिका के बीच सीधे तौर पर कोई वार्ता नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक जितने भी संपर्क हुए हैं, उन्हें वास्तविक वार्ता या परामर्श नहीं कहा जा सकता।
यूरोप की भागीदारी पर जोर
उधर, यूरोप ने भी स्पष्ट किया है कि यूक्रेन से जुड़ी किसी भी शांति योजना में उसकी भागीदारी जरूरी है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा कि किसी भी समाधान के सफल होने के लिए यूक्रेन और यूरोपीय देशों की सहमति बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा—“यूक्रेन पर किसी भी तरह का निर्णय बिना यूक्रेन और यूरोप को शामिल किए संभव नहीं है।”
फिलहाल स्थिति यह है कि शांति के प्रयास जारी तो हैं, लेकिन दोनों पक्षों की शर्तें एक-दूसरे से बिल्कुल उलट हैं। ऐसे में युद्ध खत्म होना अभी भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। यूरोप से लेकर अमेरिका तक उम्मीद की किरणें जगाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन ज़मीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं और समाधान दूर की बात लग रहा है।
