अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में यूक्रेन युद्ध को लेकर वार्ता हुई। तीन साल से चले आ रहे संघर्ष के अंत की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन वार्ता में फिलहाल कोई निर्णायक समाधान नहीं निकला। ट्रंप इस युद्ध को समाप्त करने के लिए सक्रिय प्रयास जारी रखने का संकेत दे रहे हैं।
ट्रंप ने नाटो के सदस्य देशों को पत्र लिखकर रूस से तेल की खरीद रोकने का आह्वान किया और प्रस्ताव रखा कि युद्ध समाप्त होने तक चीन पर 50 से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाए। उनका मानना है कि चीन का रूस पर मजबूत नियंत्रण है और ये टैरिफ उस प्रभाव को तोड़ने में मदद करेंगे। ट्रंप ने चेताया कि यदि नाटो सदस्य देश यह कदम नहीं उठाते हैं तो अमेरिका का समय, पैसा और ऊर्जा बरबाद होगा।
इसके अलावा, ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने पर पहले ही 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा रखा है, जिससे भारत पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। उन्होंने साफ़ कहा है कि अगर चीन और भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखते हैं, तो उन पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
इस बीच, ब्रिटेन ने भी रूस से जुड़े नए प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत 70 तेल परिवहन जहाजों और 30 कंपनियों और व्यक्तियों पर रोक लगाई गई है, जिनका उद्देश्य रूस को आर्थिक और तकनीकी रूप से कमजोर करना है। इनमें तुर्की और चीन की कंपनियां भी शामिल हैं, जो रूस को हथियार, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और विस्फोटक मुहैया कराती थीं।
