बलूचिस्तान में क्रूरता की हदें पार: पाकिस्तान समर्थित ‘डेथ स्क्वाड’ ने दो बलूच युवकों को अगवा कर मार डाला, क्षत-विक्षत शव मिले

संगठन ने दूसरी घटना का भी जिक्र किया, जिसमें पंजगुर जिले के ग्वाश क्षेत्र से 18 अक्टूबर की रात अगवा किए गए बलूच नागरिक फकीर जान का शव 20 अक्टूबर को खुले मैदान में मिला। उनके शरीर पर गोलीबारी और यातना के निशान स्पष्ट थे।

Tension Rises in Balochistan: Pakistan-Backed Death Squad Kills Two Baloch Youths, Says Human Rights Group
Tension Rises in Balochistan: Pakistan-Backed Death Squad Kills Two Baloch Youths, Says Human Rights Group

इस्लामाबाद/क्वेटा: पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड ने कम से कम दो बलूच युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी। क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की बढ़ती गतिविधियों के बीच यह क्रूरता का ताजा मामला सामने आया है।

मानवाधिकार संस्थाओं के अनुसार, प्रांत में जबरन गुमशुदगी, यातना और हत्याओं के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।

बलूच यकजेहती समिति (BYC) ने बताया कि पंजगुर जिले के पारूम क्षेत्र में रहने वाले 20 वर्षीय मजदूर जहूर बलूच का 20 अक्टूबर की सुबह अज्ञात व्यक्तियों ने अपहरण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग एक वाहन में आए और जहूर को जबरन उठाकर ले गए। अगले दिन उसका क्षत-विक्षत शव मिला, जिससे उसकी हत्या की पुष्टि हुई।

बीवाईसी ने कहा, “यह घटना कोई एकलौती नहीं है, बल्कि बलूच जनता के खिलाफ चल रहे व्यवस्थित अपहरण और हत्या अभियान का हिस्सा है। जहूर की हत्या उस भयावह वातावरण की पुष्टि करती है जो बलूचिस्तान में लंबे समय से बना हुआ है।”

संगठन ने दूसरी घटना का भी जिक्र किया, जिसमें पंजगुर जिले के ग्वाश क्षेत्र से 18 अक्टूबर की रात अगवा किए गए बलूच नागरिक फकीर जान का शव 20 अक्टूबर को खुले मैदान में मिला। उनके शरीर पर गोलीबारी और यातना के निशान स्पष्ट थे।

बलूच यकजेहती समिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इन मानवाधिकार उल्लंघनों की स्वतंत्र जांच करवाई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन अत्याचारों को नजरअंदाज किया गया, तो बलूचिस्तान में मानवाधिकार संकट और गंभीर हो सकता है।

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