मुंह की खाई पर फिर भी अकड़: शहबाज का दावा— “भारत के साथ युद्ध के बाद JF-17 थंडर की डिमांड में आया उछाल”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रक्षा निर्यात को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है। संघीय कैबिनेट की बैठक को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि पिछले साल भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष के बाद से पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की अंतरराष्ट्रीय मांग में भारी उछाल आया है।

Shehbaz Sharif on JF-17 demand: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रक्षा निर्यात को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है। संघीय कैबिनेट की बैठक को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि पिछले साल भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष के बाद से पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की अंतरराष्ट्रीय मांग में भारी उछाल आया है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, प्रधानमंत्री का दावा है कि कई देश अब पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने के लिए सक्रिय रूप से संपर्क कर रहे हैं और व्यापारिक बातचीत अंतिम चरणों में है।

शहबाज शरीफ ने इस मांग को पाकिस्तान की रक्षा उत्पादन क्षमता की जीत बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि विदेशी देशों की इस दिलचस्पी से न केवल पाकिस्तान की सैन्य साख मजबूत होगी, बल्कि बदहाल अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में किसी खास विमान का नाम नहीं लिया, लेकिन सामरिक विशेषज्ञों और स्थानीय मीडिया का मानना है कि उनका इशारा मुख्य रूप से JF-17 थंडर फाइटर जेट की ओर है। यह जेट पाकिस्तान और चीन के साझा सहयोग से विकसित किया गया है और इसका उत्पादन पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) में होता है।

बाजार में चर्चा है कि इराक, सऊदी अरब, सूडान, लीबिया, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे देश इस किफायती लड़ाकू विमान को अपनी वायुसेना में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान के ‘मुशशाक’ ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट को लेकर भी कुछ देशों ने दिलचस्पी दिखाई है। पाकिस्तानी प्रशासन इस अंतरराष्ट्रीय रुचि को अपनी ‘सफलता’ के रूप में प्रचारित कर रहा है, जिसे वे हालिया सीमाई संघर्षों से जोड़कर देख रहे हैं।

दूसरी ओर, शहबाज शरीफ के इन दावों और वास्तविक जमीनी हकीकत के बीच बड़ा विरोधाभास नजर आता है। गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाया था। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने नवंबर में स्पष्ट किया था कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय जांबाजों ने पाकिस्तान के कम से कम पाँच हाई-टेक फाइटर जेट्स को मार गिराया था, जिनमें JF-17 थंडर भी शामिल था।

भारत द्वारा मार गिराए जाने के बावजूद, पाकिस्तान अपने इस विमान को ‘युद्ध में परीक्षित’ (Battle Proven) बताकर वैश्विक बाजार में इसकी ब्रांडिंग करने की कोशिश कर रहा है। रक्षा जानकारों का कहना है कि अपनी गिरती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए पाकिस्तान रक्षा सौदों का सहारा लेना चाहता है, लेकिन भारतीय वायुसेना द्वारा इन विमानों को नष्ट किए जाने की खबरों ने इसकी गुणवत्ता और मारक क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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