त्रिपोली: लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे और कभी उनके उत्तराधिकारी माने जाने वाले सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की मंगलवार को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सैफ अल-इस्लाम के कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना उस वक्त हुई जब चार हथियारबंद बंदूकधारी उनके घर में घुस आए और उनके साथ “सीधी मुठभेड़” हुई।
अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गद्दाफी परिवार ने बताया कि हमला उस समय हुआ जब सैफ अल-इस्लाम अपने घर के बगीचे (गार्डन) में मौजूद थे। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए। हालांकि उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन मुठभेड़ के दौरान लगी चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। फिलहाल लीबियाई अधिकारियों ने इस हत्याकांड की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
ताकतवर उत्तराधिकारी से विवादित राजनेता तक का सफर
सैफ अल-इस्लाम का राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव भरा रहा। अपने पिता मुअम्मर गद्दाफी के चार दशक लंबे शासन के दौरान उन्हें देश का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति और गद्दाफी का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जाता था।
- सत्ता का पतन: साल 2011 में लीबियाई विद्रोह और अपने पिता की मौत के बाद, सैफ को विद्रोहियों ने पकड़ लिया था।
- कैद और गुमनामी: उन्हें लगभग एक दशक तक लीबिया के एक सुदूर पहाड़ी शहर में कैद और गुमनामी में रहना पड़ा।
- राजनीति में वापसी की कोशिश: रिहा होने के बाद, उन्होंने हाल के वर्षों में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा कर फिर से राजनीति में सक्रिय होने की कोशिश की थी। उनकी इस दावेदारी ने लीबिया के जटिल राजनीतिक समीकरणों को और उलझा दिया था।
राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका
लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहने के बाद सैफ अल-इस्लाम की इस तरह अचानक हुई हत्या ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से लीबिया में पहले से ही अस्थिर चल रहे राजनीतिक हालात और बिगड़ सकते हैं। उनकी हत्या ऐसे समय में हुई है जब देश में चुनाव कराने और स्थिरता लाने की कोशिशें जारी थीं। लीबिया के सुरक्षा बल अब उन अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटे हैं, जिन्होंने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड को अंजाम दिया।
