इस्लामाबाद/वाशिंगटन: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए एक कथित गोपनीय समझौते के बाद पाकिस्तान ने रेयर अर्थ खनिज (Rare Earth Minerals) की पहली खेप अमेरिका भेज दी है। इस कदम से पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में हंगामा मच गया है। अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के बयान से इस समझौते का खुलासा हुआ है, जिसके तहत $50 करोड़ डॉलर का करार किया गया है।
‘डॉन’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना की संस्था फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) ने अमेरिका की यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के साथ यह समझौता किया है। समझौते के तहत, एंटीमनी, कॉपर कंसंट्रेट, और रेयर अर्थ तत्व नियोडिमियम और प्रेसियोडिमियम की नमूना खेप सितंबर महीने में अमेरिका भेजी गई है।
कुछ महीने पहले व्हाइट हाउस ने एक तस्वीर जारी की थी, जिसमें जनरल मुनीर ट्रंप को रेयर अर्थ मिनरल का एक बक्सा दिखाते नजर आ रहे थे। माना जा रहा है कि पाकिस्तान, बलूचिस्तान के इन खनिजों का लालच देकर अमेरिका को खुश करना चाहता है, जबकि इस क्षेत्र को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव चल रहा है। यूएसएसएम के सीईओ स्टैसी डब्ल्यू हैस्टाई ने इस समझौते को दोनों देशों के बीच ‘नए अध्याय की शुरुआत’ बताया है।
इस गोपनीय सौदे पर पाकिस्तान में राजनीतिक तूफान आ गया है। इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) ने समझौते का कड़ा विरोध किया है और इसके प्रावधानों को जनता और संसद से छिपाने पर सवाल उठाए हैं। पीटीआई के सूचना महासचिव शेख वक्कास अकरम ने मांग की है कि इस गोपनीय समझौते के हर प्रावधान को सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले पासनी बंदरगाह सौंपने का प्रस्ताव भी गुपचुप तरीके से आगे बढ़ाया गया था। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में छह ट्रिलियन डॉलर का रेयर अर्थ खनिज भंडार मौजूद है, और ऐसे समझौतों से देश में उथल-पुथल की स्थिति पैदा हो सकती है।
