नोबेल शांति पुरस्कार पर छिड़ी कूटनीतिक जंग: पोलैंड के PM और अमेरिकी राजदूत के बीच ‘ट्विटर वॉर’, रिश्तों में आई खटास

पोलैंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के मुद्दे पर एक बयान ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और पोलैंड में अमेरिकी राजदूत टॉम रोज के बीच सोशल मीडिया पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

Poland PM and US Ambassador Clash on X Over Nobel Peace Prize Nomination
Poland PM and US Ambassador Clash on X Over Nobel Peace Prize Nomination

वारसॉ: पोलैंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के मुद्दे पर एक बयान ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और पोलैंड में अमेरिकी राजदूत टॉम रोज के बीच सोशल मीडिया पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जो धीरे-धीरे सार्वजनिक बहस का रूप लेती चली गई।

विवाद की शुरुआत पोलैंड की संसद (सेजम) के स्पीकर वलोडजीमिर्ज जारजास्टी के एक बयान से हुई। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया था। जारजास्टी ने कहा था कि वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन और इजरायली संसद के स्पीकर अमीर ओहाना की उस पहल का समर्थन नहीं करेंगे, जिसमें अलग-अलग देशों के संसद स्पीकरों को एक मंच पर लाकर ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिलाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप इस सम्मान के योग्य नहीं हैं।

जारजास्टी की इस टिप्पणी पर पोलैंड में अमेरिकी राजदूत टॉम रोज ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ट्रंप के खिलाफ जारजास्टी की टिप्पणी अपमानजनक है और इससे अमेरिका-पोलैंड संबंधों पर गंभीर असर पड़ सकता है। टॉम रोज ने यहां तक चेतावनी दी कि अमेरिका ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं करेगा और जारजास्टी को ब्लैकलिस्ट किए जाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका किसी को यूएस-पोलैंड रिश्तों को नुकसान पहुंचाने या उस राष्ट्रपति का अपमान करने की इजाजत नहीं देगा, जिन्होंने पोलिश जनता के लिए बहुत कुछ किया है।

अमेरिकी राजदूत के इस बयान पर पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। टस्क ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि सहयोगी देशों के रिश्ते आपसी सम्मान पर टिके होते हैं, न कि एक-दूसरे को लेक्चर देने पर। उन्होंने लिखा कि पोलैंड के लोग साझेदारी को सम्मान के नजरिए से देखते हैं और इस तरह की बयानबाजी से रिश्ते मजबूत नहीं होते।

प्रधानमंत्री टस्क के जवाब के बाद टॉम रोज ने एक बार फिर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह टस्क की नेतृत्व क्षमता और उनके योगदान का सम्मान करते हैं और मानते हैं कि टस्क ने यूएस-पोलैंड संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का अपमान ऐसी आखिरी चीज होनी चाहिए, जो कोई पोलिश नेता करे।

इस पूरे विवाद के केंद्र में रहे संसद स्पीकर वलोडजीमिर्ज जारजास्टी ने भी बाद में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को स्वीकार करते हुए कहा कि उनका रुख साफ है और वह इसमें कोई बदलाव नहीं करेंगे। जारजास्टी ने कहा कि उन्होंने मिशन पर तैनात पोलिश सैनिकों और कुछ मूल्यों के पक्ष में आवाज उठाई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिका को पोलैंड का सहयोगी मानते हैं और उसका सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया जा सकता।

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