दक्षिणी स्पेन में रविवार को एक भीषण रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। कॉर्डोबा शहर के पास आदामूज इलाके में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के अनुसार, घायलों में 30 से अधिक लोगों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब मलागा से मैड्रिड की ओर जा रही एक हाई-स्पीड ट्रेन अचानक पटरी से उतरकर दूसरी लाइन पर चली गई। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही मैड्रिड-हुएल्वा ट्रेन उससे टकरा गई। चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटना ट्रैक के उस हिस्से पर हुई जो बिल्कुल सीधा है और जिसका नवीनीकरण पिछले साल मई में ही किया गया था। परिवहन मंत्री ने इस घटना को “बेहद असामान्य” करार दिया है, क्योंकि आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के बावजूद दो ट्रेनों का इस तरह टकराना तकनीकी रूप से कठिन माना जाता है।
निजी और सरकारी ट्रेनों के बीच भिड़ंत
इस दुर्घटना में एक निजी और एक सरकारी ट्रेन शामिल थी। मलागा से मैड्रिड जा रही ट्रेन का संचालन निजी कंपनी ‘इरियो’ (Iryo) कर रही थी, जिसमें लगभग 300 यात्री सवार थे। वहीं, दूसरी ट्रेन सरकारी कंपनी ‘रेनफे’ (Renfe) की थी, जिसमें करीब 100 यात्री यात्रा कर रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेनों के डिब्बे मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। कॉर्डोबा के फायर चीफ फ्रांसिस्को कार्मोना ने बताया कि बचाव कार्य इतना चुनौतीपूर्ण था कि जीवित फंसे लोगों तक पहुँचने के लिए राहत कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
Circulan por las redes impresionantes vídeos de la caída de la catenaria sobre un tren de Renfe en la estación de Tortosa. Según Adif, un incendio en el tren causó el corte del hilo de contacto. La estación se encuentra sin servicio, con PAT por carretera. pic.twitter.com/BPumn9yrhy
— Trenvista (@Trenvista) January 18, 2026
जांच और राहत कार्य जारी
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस समय “गहरी पीड़ा” में है। सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने में कम से कम एक महीने का समय लग सकता है। एहतियात के तौर पर मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच चलने वाली सभी रेल सेवाओं को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है।
पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए रेड क्रॉस ने मौके पर काउंसलिंग सेवाएं शुरू की हैं और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन अब ब्लैक बॉक्स और तकनीकी डेटा के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर अत्याधुनिक ट्रैक पर ट्रेन पटरी से कैसे उतरी।
