तेहरान: ईरान-इज़राइल युद्ध के बीच तेहरान में रह रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर हालात गंभीर हो गए हैं। रविवार सुबह तेहरान के Hujat Dost Ali हॉस्टल पर हुए इज़रायली एयर स्ट्राइक में तीन कश्मीरी छात्र मामूली रूप से घायल हो गए। हालांकि उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में फिलहाल करीब 1600 भारतीय छात्र मौजूद हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में छात्र कश्मीरी मूल के हैं। ये छात्र मुख्यतः Tehran University और Shah Beheist University में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने रविवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से छात्रों की सुरक्षा को लेकर बातचीत की। इसके बाद, विदेश मंत्रालय के निर्देश पर इन छात्रों को बसों के ज़रिए तेहरान से करीब 140 किलोमीटर दूर स्थित Qom शहर में स्थानांतरित किया गया है, जहाँ स्थिति फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही है।
इसी बीच जानकारी सामने आई है कि इराक में 183 भारतीय तीर्थयात्री भी फंसे हुए हैं, जिनकी वापसी की कोशिशें जारी हैं।
ईरान से सभी भारतीयों को निकालने के लिए सीधी हवाई उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिस कारण भारत सरकार वैकल्पिक रूट पर विचार कर रही है। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस संदर्भ में आर्मीनिया के विदेश मंत्री अरारात मिर्जोयान से बातचीत की है और Land Route के ज़रिये Evacuation के विकल्प पर मंथन जारी है।
भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीयों, विशेषकर छात्रों, से अपील की है कि जो भी वापस भारत लौटना चाहते हैं, वे तुरंत दूतावास में अपना नाम रजिस्टर करें ताकि योजना बनाकर उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
