भारत अब यूरोप के लिए पहले से ज्यादा जरूरी’ – ट्रंप के टैरिफ से यूरोपीय संघ को मिला फायदा

अमेरिका की टैरिफ चेतावनियों के बीच भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। यूरोपीय यूनियन की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने भारत के दौरे से पहले बुधवार, 21 जनवरी को इस बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण बताया।

“India Now More Crucial to Europe” — EU Benefits from Trump’s Tariffs
“India Now More Crucial to Europe” — EU Benefits from Trump’s Tariffs

अमेरिका की टैरिफ चेतावनियों के बीच भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। यूरोपीय यूनियन की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने भारत के दौरे से पहले बुधवार, 21 जनवरी को इस बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण बताया। कल्लास का कहना था कि मौजूदा समय में दुनिया ज्यादा खतरनाक होती जा रही है और ऐसे माहौल में भारत और यूरोपीय संघ के लिए साथ मिलकर काम करना फायदेमंद साबित होगा।

भारत और ईयू के बढ़ते रिश्तों की गहराई का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में यूरोपीय संघ की शीर्ष नेतृत्व मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकती है। इसके बाद 16वीं ईयू-इंडिया समिट आयोजित होने वाली है जिसमें दोनों पक्षों के बीच कई बड़े समझौतों पर मुहर लगने की उम्मीद है।

यूरोपीय संसद में भाषण देते हुए काजा कल्लास ने साफ कहा कि भारत यूरोप की आर्थिक मजबूती के लिए अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है और ईयू नई दिल्ली के साथ व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और लोगों के बीच आवाजाही जैसे क्षेत्रों में नए एजेंडे पर काम करने को तैयार है। कल्लास ने यह भी माना कि ईयू-भारत बैठक ऐसे समय में होने जा रही है जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था युद्ध, दबाव और आर्थिक विखंडन के चलते अस्थिर हो रही है। उनके अनुसार, दुनिया के दो बड़े लोकतंत्रों के रूप में भारत और ईयू हिचकिचाने की गलती नहीं कर सकते क्योंकि उनकी जिम्मेदारी है कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और बहुपक्षीय व्यवस्था को सशक्त बनाए रखा जाए।

कल्लास ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाली तीन अहम डीलों का भी संकेत दिया। पहली बड़ी डील व्यापार से जुड़ी है जिसे लेकर 27 जनवरी को वार्ता पूर्ण होने की संभावना जताई गई है। इस समझौते से बाज़ार खुलने, बाधाओं के हटने और क्लीन टेक्नोलॉजी, फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सप्लाई चेन मजबूत होने की उम्मीद है।

दूसरा बड़ा समझौता सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़ा है, जिस पर अगले हफ्ते नई दिल्ली में हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह समझौता समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी कार्रवाई और साइबर-डिफेंस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएगा। इसके साथ ही सूचना सुरक्षा पर एक अलग वार्ता प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

तीसरा मुद्दा लोगों की आवाजाही से जुड़ा है। दोनों पक्ष मोबिलिटी को लेकर एक व्यापक ढांचे पर समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं। इस व्यवस्था से छात्रों, शोधकर्ताओं, श्रमिकों और उच्च कुशल पेशेवरों को एक देश से दूसरे देश में जाने में आसानी होगी और इसमें प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी।

मौजूदा वैश्विक तनावों के बीच भारत और ईयू की बढ़ती करीबी ना सिर्फ़ आर्थिक और सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह संकेत भी देती है कि बहुध्रुवीय दुनिया में नई साझेदारियाँ किस दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale