ढाका: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद के दावेदार Tarique Rahman ने ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों से अनौपचारिक रूप से जीत दर्ज कर ली है। करीब 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान के लिए यह जीत राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। देर रात तक मतगणना जारी रही और शुरुआती रुझानों में बीएनपी बढ़त बनाए हुए दिखाई दी।
बीएनपी के मीडिया सेल सदस्य शायरुल कबीर खान ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि तारिक रहमान ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजा बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina की पार्टी Awami League चुनाव मैदान में नहीं है।
चुनाव के दिन तारिक रहमान ने राजधानी ढाका के गुलशन मॉडल हाई स्कूल एंड कॉलेज मतदान केंद्र पर सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपना वोट डाला। इस दौरान उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जाइमा रहमान भी उनके साथ मौजूद थीं। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जनता लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रही थी और अब लोगों ने अपने अधिकारों का प्रयोग किया है।
तारिक रहमान ने कुछ क्षेत्रों से अवांछित घटनाओं की खबरों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि यदि मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचते हैं तो किसी भी साजिश को विफल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो कानून-व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी।
यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद अंतरिम सरकार के नेतृत्व में यह पहला आम चुनाव है। देशभर की 299 संसदीय सीटों पर मतदान कराया गया, जबकि एक सीट पर उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव रद्द करना पड़ा। चुनाव आयोग के अनुसार लगभग 12.7 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें करीब 50 लाख मतदाता पहली बार मतदान कर रहे थे।
चुनाव के साथ ही 84 सूत्रीय सुधार पैकेज ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी कराया गया। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू हुई और शुरुआती परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि दोनों सीटों पर तारिक रहमान की जीत बीएनपी को निर्णायक बढ़त दिला सकती है और इससे देश की आगामी सत्ता संरचना प्रभावित हो सकती है। फिलहाल पूरे बांग्लादेश की नजर अंतिम परिणामों पर टिकी है, जिनसे नई सरकार के गठन की दिशा स्पष्ट होगी।
