इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शुक्रवार को फिलिस्तीन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में गुस्से में नजर आए। उन्होंने यूरोपीय नेताओं पर इज़रायल को “नेशनल सुसाइड” की ओर धकेलने और हमास को पुरस्कृत करने का आरोप लगाया। नेतन्याहू ने कहा कि इज़रायल को गाजा में हमास के खिलाफ “काम खत्म करना ही होगा”, लेकिन भाषण शुरू होने से पहले कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए।
ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के कुछ दिनों बाद, नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि “यहूदियों की हत्या का फल मिलेगा।” उन्होंने कहा, “इज़रायल आपको आतंकवादी राज्य हमारे गले में डालने की इजाज़त नहीं देगा। हम नेशनल सुसाइड नहीं करेंगे। पश्चिमी नेता दबाव में झुक गए होंगे, लेकिन इज़रायल ऐसा नहीं करेगा।”
in his UN speech just now Netanyahu again repeated the genocidal atrocity propaganda lie that Hamas "burned babies alive", now adding the new twist that they burned them alive "in front of their parents". Zero babies were burned as confirmed by Israeli official records. These… pic.twitter.com/DgJMQvJVmO
— ☀️👀 (@zei_squirrel) September 26, 2025
फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी अदेल अतीह ने नेतन्याहू के भाषण को “एक पराजित व्यक्ति का भाषण” करार दिया। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद गाजा में इज़रायल के हमले लगातार जारी हैं। इज़रायल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उस हमले में 1,219 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश नागरिक थे। वहीं, गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इज़रायल के हमलों में अब तक 65,549 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश नागरिक हैं।
गौरतलब है कि नेतन्याहू के भाषण से ठीक पहले ही गाजा में 20 लोग मारे गए। इस दौरान वैश्विक समुदाय में इज़रायल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।
