U-19 World Cup 2026: भारतीय क्रिकेट के 14 वर्षीय उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने गुरुवार को अमेरिका के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मैच के साथ इस बड़े मंच पर कदम रखा। हालांकि, वह अपने डेब्यू मैच में केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। सूर्यवंशी अपनी छोटी सी उम्र में कई रिकॉर्ड्स और आईपीएल (IPL) अनुबंध के कारण सुर्खियों में रहे हैं, लेकिन भारतीय महिला टीम के पूर्व कोच डब्लूवी रमन का मानना है कि उन्हें इस स्तर पर इतनी जल्दी उतारना सही फैसला नहीं है।
डब्लूवी रमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय साझा करते हुए बीसीसीआई (BCCI) के इस फैसले पर असहमति जताई। उन्होंने लिखा कि यह एक ‘अनपॉपुलर’ राय हो सकती है, लेकिन सूर्यवंशी को इतनी कम उम्र में अंडर-19 लेवल पर खिलाना उनके भविष्य के विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। रमन के अनुसार, इसमें कोई शक नहीं कि सूर्यवंशी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं और उन्होंने इंडिया-ए और आईपीएल में खुद को साबित किया है, लेकिन बोर्ड को ‘बड़ी तस्वीर’ को ध्यान में रखना चाहिए था।
This could be an unpopular opinion. #Suryavanshi has performed extremely well in the A series and the IPL. Making him play at the U-19 level is likely to be detrimental to his growth. He may win matches no doubt, but it should be always be about the big picture! #indiancricket
— WV Raman (@wvraman) January 15, 2026
इस बहस के पीछे एक बड़ा कारण बीसीसीआई का वह नियम भी है, जिसके तहत एक खिलाड़ी केवल एक बार ही अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है। इसका मतलब यह है कि 14 साल की उम्र में इस वर्ल्ड कप का हिस्सा बनने के बाद सूर्यवंशी भविष्य में इस स्तर के किसी और बड़े टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएंगे। हालांकि, बोर्ड की सोच इसके विपरीत है; उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में विश्व स्तर का अनुभव सूर्यवंशी को एक परिपक्व बल्लेबाज के रूप में तेजी से विकसित होने में मदद करेगा।
जहाँ सूर्यवंशी बल्ले से नाकाम रहे, वहीं मैच में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। तेज गेंदबाज हेनिल पटेल ने अपनी धारदार गेंदबाजी से अमेरिका की कमर तोड़ दी और 16 रन देकर 5 विकेट झटके। उनकी इस घातक गेंदबाजी के चलते अमेरिका की पूरी टीम महज 107 रनों पर ढेर हो गई। बाद में बारिश के कारण खेल रुका और भारत को डकवर्थ लुईस (DLS) पद्धति के तहत 37 ओवर में 96 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला, जिसे अभिज्ञान कुंडू की नाबाद 42 रनों की पारी की मदद से भारत ने 118 गेंदें शेष रहते आसानी से हासिल कर लिया।
