U19 World Cup 2026: भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर विश्व पटल पर तिरंगा फहराते हुए इंग्लैंड को हराकर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड, बीसीसीआई (BCCI) ने टीम के लिए इनामों की झड़ी लगा दी है। बोर्ड ने घोषणा की है कि आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली इस युवा टीम को साढ़े सात करोड़ रुपये की प्राइज मनी दी जाएगी। उभरते हुए सितारों की इस कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए बीसीसीआई का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
टीम इंडिया की इस सफलता पर समूचे क्रिकेट जगत में खुशी की लहर है। दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, पूर्व कप्तान विराट कोहली और भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बधाई दी। 2008 में भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप जिताने वाले विराट कोहली ने टीम की जमकर सराहना की, वहीं रविचंद्रन अश्विन ने इस जीत को लंबे समय तक याद रखे जाने वाला पल बताया। टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने विशेष रूप से वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए उनके गेम प्लान और क्लास पारी को सराहा।
फाइनल मुकाबले के असली हीरो 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने मैदान पर रनों का तूफान ला दिया। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ अर्धशतक जड़ने के बाद वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मैच में मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। अपनी इस विस्फोटक पारी में उन्होंने 15 छक्के और 15 चौके जड़े। वैभव की इस पारी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त दी। ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुने गए वैभव ने कहा कि टीम ने बिना किसी दबाव के खेलने की रणनीति बनाई थी, जो सफल रही।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने जीत के बाद गर्व से कहा कि उनकी टीम रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर जैसे दिग्गजों की विरासत को आगे बढ़ाना चाहती थी। उन्होंने उल्लेख किया कि जिस तरह रोहित शर्मा ने 2024 में टी-20 विश्व कप जीता और हरमनप्रीत कौर ने महिला टीम को विश्व विजेता बनाया, यह अंडर-19 टीम भी उसी रास्ते पर चलकर देश का गौरव बढ़ाना चाहती थी। भारत की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश में क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
