उत्तर भारत में कुदरत का कहर: 2 डिग्री तक गिरेगा पारा, राजस्थान से यूपी तक ‘भीषण शीतलहर’ का रेड अलर्ट

आईएमडी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर से लेकर भीषण शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने की संभावना जताई गई है।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। 12 जनवरी को भी पूरे उत्तर भारत के बड़े हिस्से भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में रहेंगे। तापमान में लगातार गिरावट और मौसम के तीखे तेवर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार कई राज्यों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि घने से बेहद घने कोहरे की वजह से दृश्यता अत्यंत कम रहने का अनुमान है।

आईएमडी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर से लेकर भीषण शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं और अगला सप्ताह भी उत्तर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है।

कोहरे का असर उत्तर प्रदेश और बिहार में सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा जहां सुबह के समय दृश्यता शून्य से भी नीचे जा सकती है। घना से बहुत घना कोहरा सड़क, रेल और हवाई यातायात को प्रभावित कर सकता है। विभाग ने कम दृश्यता के कारण ड्राइविंग में सतर्कता बरतने की सलाह दी है और चेताया है कि कई क्षेत्रों में पावर लाइन ट्रिपिंग जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

आईएमडी के ताजा बुलेटिन में बताया गया है कि देश के दक्षिणी हिस्सों में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और सौराष्ट्र-कच्छ में शीतलहर जारी रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भीषण शीतलहर की स्थिति बनने की आशंका है। बिहार में कोल्ड डे कंडीशन बने रहने की चेतावनी जारी की गई है, जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में घने कोहरे की संभावना बनी हुई है।

दक्षिण भारत के समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग है। गल्फ ऑफ मन्नार और कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो झोंकों में 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। ऐसे मौसम के बीच मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

दिल्ली में इस समय पछुआ हवाएं बेहद सक्रिय हैं, जो 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 95 नॉट्स की रफ्तार से चल रही हैं। इसके अलावा मध्य क्षोभमंडल में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ का असर भी राजधानी के मौसम पर पड़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके बाद मौसम में बदलाव की संभावना है। अगले तीन दिनों में दिल्ली का न्यूनतम तापमान और 1–2 डिग्री तक गिर सकता है। तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री नीचे बना रहेगा। 12 जनवरी को दिल्ली के कई हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी, 13 जनवरी को कुछ इलाकों में और 14 जनवरी को केवल छिटपुट स्थानों पर इसका असर देखा जाएगा। आसमान साफ रहेगा, हालांकि रात में धुंध और सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा।

मौसम एजेंसी स्काइमेट ने भी वैश्विक मौसम पैटर्न में बदलाव के संकेत दिए हैं। वर्तमान में सक्रिय ला नीना स्थिति के 2026 की शुरुआती वसंत ऋतु तक कमजोर होने की संभावना है, जिसके बाद एल नीनो की वापसी की संभावना जताई जा रही है। इसका असर आगामी मानसून और देश के वर्षा चक्र पर पड़ सकता है।

इस बीच आईएमडी ने लोगों को ठंड से बचाव हेतु गर्म कपड़े पहनने, सुबह–शाम बाहर जाने से परहेज करने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का यह दौर अभी कुछ दिनों तक और जारी रहेगा, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

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