भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं, जो धर्म की स्थापना और अधर्म का नाश करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। उन्हें ब्राह्मणों में क्षत्रिय और क्षत्रियों में ब्राह्मण कहा गया है। उनका जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ था, जिसे परशुराम जयंती के रूप में मनाया जाता है। वे कालजयी हैं और आज भी जीवित माने जाते हैं। उनकी शक्ति, तपस्या और शौर्य के लिए श्रद्धालु उनका पूजन करते हैं और 108 नामों का जाप कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नीचे भगवान परशुराम की अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम) प्रस्तुत है:
भगवान परशुराम की 108 नामावली:
- ॐ परशुरामाय नमः
- ॐ रेणुकानन्दनाय नमः
- ॐ जमदग्निसुताय नमः
- ॐ रामाय नमः
- ॐ रामभद्राय नमः
- ॐ रामचन्द्राय नमः
- ॐ महाद्युतये नमः
- ॐ क्षत्रियान्तकाय नमः
- ॐ विश्वमित्रप्रियाय नमः
- ॐ ब्रह्मतेजःसमन्विताय नमः
- ॐ शिवभक्ताय नमः
- ॐ ब्रह्मचारीणं नमः
- ॐ कालत्रयविज्ञाय नमः
- ॐ तपस्विने नमः
- ॐ योगिनां गुरवे नमः
- ॐ धर्मसंस्थापकाय नमः
- ॐ शस्त्रविद्याविशारदाय नमः
- ॐ भार्गवकुलभूषणाय नमः
- ॐ निष्ठायुक्ताय नमः
- ॐ ध्याननिष्ठाय नमः
- ॐ सहस्रबाहवे नमः
- ॐ शिवाश्रिताय नमः
- ॐ रूद्रावताराय नमः
- ॐ ब्रह्मस्वरूपिणे नमः
- ॐ भूतनाथाय नमः
- ॐ चिरंजीविने नमः
- ॐ तीर्थयात्राप्रियाय नमः
- ॐ तीरथकाराय नमः
- ॐ दत्तात्रेयप्रियाय नमः
- ॐ गुरुदेवाय नमः
- ॐ ब्रह्मदण्डधराय नमः
- ॐ धर्मज्ञाय नमः
- ॐ अच्युताय नमः
- ॐ विश्वरूपाय नमः
- ॐ जगन्नियन्त्रे नमः
- ॐ अमोघशक्तये नमः
- ॐ यज्ञकर्त्रे नमः
- ॐ सहस्रार्चिताय नमः
- ॐ ब्रह्मद्वेषिनाशकाय नमः
- ॐ यति स्वरूपिणे नमः
- ॐ सत्यप्रतिज्ञाय नमः
- ॐ साधुसेवकाय नमः
- ॐ चातुर्वर्ण्यप्रतिष्ठापकाय नमः
- ॐ ब्रह्मज्ञानदाय नमः
- ॐ वेदवेदांगतत्त्वज्ञाय नमः
- ॐ ब्रह्मास्त्रप्रदायकाय नमः
- ॐ रामदूताय नमः
- ॐ वानरसेनाकर्त्रे नमः
- ॐ शिवांशाय नमः
- ॐ त्रिकालज्ञाय नमः
- ॐ शान्तस्वरूपिणे नमः
- ॐ सदाचाराय नमः
- ॐ यज्ञरूपाय नमः
- ॐ ब्रह्मध्वजाय नमः
- ॐ यतीश्वराय नमः
- ॐ भृगुनन्दनाय नमः
- ॐ ब्रह्मरूपाय नमः
- ॐ शृंगारप्रियाय नमः
- ॐ क्षमायुक्ताय नमः
- ॐ लोकरक्षकाय नमः
- ॐ तपोधनाय नमः
- ॐ राक्षसनाशकाय नमः
- ॐ धर्मपालकाय नमः
- ॐ ब्रह्मवर्चसिनें नमः
- ॐ एकपत्नीव्रताय नमः
- ॐ ऋषिगणसेविताय नमः
- ॐ ब्रह्मलोकवासीने नमः
- ॐ वेदव्यासकृपाकराय नमः
- ॐ भक्तवत्सलाय नमः
- ॐ ब्रह्मतेजःसमन्विताय नमः
- ॐ अक्षयकर्मणे नमः
- ॐ ध्यानगम्याय नमः
- ॐ ब्रह्मनिर्मलाय नमः
- ॐ ऋग्यजुःसामाचार्याय नमः
- ॐ ब्रह्मद्वेषिविनाशनाय नमः
- ॐ सहस्रार्चनप्रियाय नमः
- ॐ योगीश्वराय नमः
- ॐ विष्णुभक्ताय नमः
- ॐ तेजस्विने नमः
- ॐ ब्रह्मनिष्ठाय नमः
- ॐ तपस्विने नमः
- ॐ ज्ञानमूर्तये नमः
- ॐ तपोमूर्तये नमः
- ॐ धर्मात्मने नमः
- ॐ विश्वनायकाय नमः
- ॐ यतीश्वराय नमः
- ॐ ब्रह्मविद्याय नमः
- ॐ अक्षयशक्तये नमः
- ॐ ब्रह्मज्ञाननिधये नमः
- ॐ वेदाध्यापकाय नमः
- ॐ ब्रह्मदर्शकाय नमः
- ॐ जगद्गुरवे नमः
- ॐ ब्रह्मनिर्मलाय नमः
- ॐ तपोबलदायकाय नमः
- ॐ अधर्मशत्रवे नमः
- ॐ धर्मसंस्थापकाय नमः
- ॐ महायोगिने नमः
- ॐ ज्ञानेश्वराय नमः
- ॐ ब्रह्मेश्वराय नमः
- ॐ लोकगुरवे नमः
- ॐ वेददर्शकाय नमः
- ॐ ऋषिमण्डलवन्दिताय नमः
- ॐ शिवप्रियाय नमः
- ॐ परमार्थदायकाय नमः
- ॐ ब्रह्मनिष्ठाय नमः
- ॐ जगद्धिताय नमः
- ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः
- ॐ श्रीपरशुरामाय नमः
भगवान परशुराम की यह 108 नामावली श्रद्धा और विश्वास के साथ जाप करने से जीवन में धर्म, शक्ति, ज्ञान और विजय प्राप्त होती है। यह नामावली विशेष रूप से अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती और दैनिक आराधना में उपयोग की जाती है। भगवान परशुराम का स्मरण कर हर कार्य में सफलता और शांति प्राप्त की जा सकती है।
