January 2026 School Holidays: जनवरी का महीना शुरू होते ही उत्तर भारत समेत कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। बच्चों को इस भीषण सर्दी से बचाने के लिए अलग-अलग राज्यों की सरकारों ने स्कूलों की छुट्टियों को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। कहीं विंटर वेकेशन को आगे बढ़ा दिया गया है, तो कहीं स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहाँ प्रशासन ने ठंड को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के स्कूल अब 15 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल 6 जनवरी से खुल रहे हैं, लेकिन उनके समय में बदलाव किया जा सकता है। लखनऊ, प्रयागराज और शामली जैसे जिलों में विशेष आदेश जारी कर छोटे बच्चों की छुट्टियाँ बढ़ाई गई हैं। सरकार ने साफ किया है कि जो स्कूल इन आदेशों का पालन नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली
राजधानी दिल्ली में भी सर्दी का सितम जारी है। यहाँ प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए 15 जनवरी तक विंटर वेकेशन का एलान किया गया है। इससे पहले प्रदूषण की वजह से भी दिल्ली के स्कूलों में काफी समय तक पाबंदियां रही थीं, लेकिन अब कड़ाके की ठंड को मुख्य वजह माना जा रहा है। इसी तरह पंजाब सरकार ने भी बढ़ती ठंड को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में 8 जनवरी तक विंटर वेकेशन बढ़ा दी है।
राजस्थान
राजस्थान में शीतलहर की वजह से 5 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टियाँ थीं, लेकिन जयपुर जैसे कुछ जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों को 10 जनवरी तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।
कश्मीर
कश्मीर घाटी में बर्फबारी और भीषण ठंड के चलते लंबी छुट्टियों का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। वहां कक्षा 8वीं तक के स्कूल फरवरी 2026 के अंत तक बंद रहेंगे, जबकि बड़ी कक्षाओं के लिए फरवरी के तीसरे हफ्ते तक विंटर वेकेशन जारी रहेगा।
जनवरी में प्रमुख छुट्टियां (सभी राज्यों में)
सर्दियों की छुट्टियों के अलावा जनवरी के महीने में कई त्योहारों और राष्ट्रीय पर्वों की वजह से भी स्कूल बंद रहेंगे। 14 जनवरी को मकर संक्रांति और पोंगल के अवसर पर ज्यादातर राज्यों में अवकाश रहेगा। इसके बाद 23 जनवरी को वसंत पंचमी और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरे देश में स्कूलों की छुट्टी रहेगी। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रम से बचने के लिए अपने स्कूल के आधिकारिक ग्रुप या नोटिस बोर्ड को चेक करते रहें।
