उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं का सितम जारी है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और इसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार, 8 जनवरी के लिए राजधानी में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों को कड़ाके की ठंड और शीतलहर से बचने के लिए अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
दिल्ली में आज का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ठंड के साथ-साथ दिल्लीवासियों के लिए वायु प्रदूषण भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार यानी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। कोहरे की स्थिति इतनी गंभीर है कि पालम और सफदरजंग जैसे इलाकों में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई है। इस भीषण ठंड को देखते हुए प्रशासन ने नोएडा में कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है।
मौसम विभाग ने दिल्ली के पालम और लोधी रोड इलाकों में ‘कोल्ड डे’ यानी शीत दिवस की स्थिति दर्ज की है। तकनीकी रूप से ‘कोल्ड डे’ तब माना जाता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे हो और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस गिर जाए। इस ठंड का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं और वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर जमा घना कोहरा है, जो सूरज की रोशनी को जमीन तक पहुंचने से रोक रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की धूप निकलने के बावजूद हवाओं के कारण गर्माहट महसूस नहीं हो पा रही है।
आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान और भी चिंताजनक है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 15 जनवरी तक उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ने की संभावना है। फिलहाल किसी ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ के सक्रिय न होने के कारण राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तो अधिकतम तापमान सिंगल डिजिट तक गिर सकता है। दिल्ली में भी आने वाले समय में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे रात और सुबह के समय ठिठुरन और ज्यादा बढ़ जाएगी।
