कोलकाता: अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो में एक टेबल पर नोटों का ढेर दिखाई दे रहा है और उसके पास गियासुद्दीन मंडल बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही बंगाल की राजनीति में हंगामा मच गया है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि टेबल के एक तरफ टीएमसी नेता बैठे हैं और दूसरी तरफ चार–पांच लोग मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति नॉर्थ 24 परगना जिले की बारासात-1 पंचायत समिति के उपाध्यक्ष मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल हैं। वीडियो के वायरल होते ही विपक्ष ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए।
हालांकि, गियासुद्दीन मंडल ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो साल 2022 का है और उसमें चल रहे पैसों के लेनदेन से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि वे सिर्फ वहां पास में बैठे थे। वहीं, वीडियो में नजर आ रहे व्यवसायी राकिबुल इस्लाम ने भी सफाई दी है कि पैसे जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े थे और उन्हें गिना जा रहा था। तृणमूल कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
How can Shri @AmitShah that Bengal is poor 😱
— Tushar Kanti Ghosh (@TusharKantiBJP) January 4, 2026
In Barasat, Panchayat Samiti Vice-President Giyasuddin Mondal sitting before a mountain of cash. (2022 Video)
Claims it’s “land deal money”!
In the era digital payment, cheques, bank transfers, people still paying 💸 ❓ https://t.co/yb9s1UL9pQ pic.twitter.com/RRM00KXjDj
इस वीडियो को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। भाजपा नेता तुषार कांति घोष ने 4 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठाया कि डिजिटल भुगतान के दौर में इतनी बड़ी रकम नकद क्यों रखी गई। उन्होंने दावा किया कि पंचायत समिति के उपाध्यक्ष नोटों के ढेर के सामने बैठे नजर आ रहे हैं और इसे जमीन सौदे का पैसा बताया जा रहा है।
वहीं, भाजपा नेता तपस मित्रा ने गियासुद्दीन मंडल पर जमीन माफिया होने का आरोप लगाया और केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बंगाल को लूट रही है और इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच होनी चाहिए।
दूसरी ओर, टीएमसी नेता गियासुद्दीन मंडल और व्यवसायी राकिबुल इस्लाम दोनों ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। उनका कहना है कि वीडियो पुराना है और पैसे पूरी तरह से जमीन सौदे से जुड़े थे। इसके बावजूद वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।
