नई दिल्ली: राजधानी में आयोजित हो रहे AI Impact Summit 2026 को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। पांच दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए हाई-इंटेंसिटी और टेक्नोलॉजी बेस्ड मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड तैयार किया गया है। समिट का आयोजन भारत मंडपम में हो रहा है, जहां कई देशों के हाई-प्रोफाइल प्रतिनिधि और वैश्विक एआई कंपनियों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं।
एजेंसियों ने एडवांस सर्विलांस सिस्टम, एयरस्पेस सुरक्षा और भारी ग्राउंड फोर्स के साथ मल्टी-एजेंसी प्लान लागू किया है। समिट स्थल और आसपास के क्षेत्र में रियल-टाइम ड्रोन डिटेक्शन, ट्रैकिंग और न्यूट्रलाइजेशन की क्षमता वाले एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। एयरस्पेस को सुरक्षित रखने के लिए विशेष एयर-डिफेंस उपकरण भी तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है।
शहर भर में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें फेस रिकॉग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन और इंट्रूजन डिटेक्शन जैसी एडवांस वीडियो एनालिटिक्स सुविधाएं मौजूद हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम से 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जहां से जरूरत पड़ने पर क्विक रिस्पॉन्स टीमों को तुरंत अलर्ट किया जा सकता है।
वेन्यू और आसपास के इलाकों में एंटी-सैबोटाज टीमों और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड द्वारा नियमित जांच की जा रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए National Disaster Response Force (NDRF) की कई टीमें मौके पर तैनात हैं, जबकि अतिरिक्त यूनिट्स को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए करीब 5,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। अतिरिक्त पेट्रोलिंग वाहन, वायरलेस सेट और वार्निंग लाइट बार के जरिए जाम की स्थिति से निपटने की तैयारी की गई है। समिट में शामिल प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटलों को भी विशेष सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं।
