Mahashivratri 2026: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला महाशिवरात्रि का व्रत इस साल 15 फरवरी, रविवार को रखा जाएगा। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि को साल की चार सबसे पवित्र रात्रियों में सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मान्यता है कि इस रात की गई पूजा साल भर की प्रार्थनाओं के समान फल देती है। भक्तों का विश्वास है कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर मात्र एक लोटा गंगाजल अर्पित करने से पूरे वर्ष की शिवरात्रियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि इस विशेष दिन पर जातक अपनी राशि के अनुरूप भगवान शिव का अभिषेक करते हैं, तो जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं और विशेष कृपा प्राप्त होती है।
राशि अनुसार अभिषेक और पूजन विधि
मेष राशि
इस राशि के जातकों को जल में गुड़ मिलाकर या शुद्ध शहद से भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए। पूजा के दौरान ‘नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ फलदायी रहता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए गाय के दूध और दही से अभिषेक करना उत्तम माना गया है। उन्हें पूजा के समय सांब सदाशिव मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लोगों को गन्ने के रस से महादेव का अभिषेक करना चाहिए। मान्यता है कि इस उपाय से कुंडली के ग्रह दोषों में कमी आती है और जीवन में खुशहाली का संचार होता है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को जल के साथ 108 अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए। चावल चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ का उच्चारण करते रहें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों को शहद से अभिषेक करना चाहिए और महादेव को लाल चंदन का तिलक लगाना चाहिए। इस दिन रुद्राष्टक का पाठ करना आपके लिए विशेष लाभकारी होगा।
कन्या राशि
अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति और रक्षा के लिए कन्या राशि के जातकों को भांग मिले हुए जल से महादेव का अभिषेक करना चाहिए और शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए।
तुला राशि
आरोग्य, धन और संतान सुख की प्राप्ति के लिए तुला राशि वालों को शुद्ध घी से महादेव का अभिषेक करना चाहिए।
वृश्चिक राशि
वैवाहिक जीवन में मधुरता और सुख-शांति के लिए वृश्चिक राशि के लोगों को गंगाजल में गुलाब जल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों को जल चढ़ाने के बाद भोलेनाथ को पीली सरसों अर्पित करनी चाहिए। माना जाता है कि यह उपाय सौभाग्य में वृद्धि करता है।
मकर राशि
शनि देव की शुभता प्राप्त करने के लिए मकर राशि वालों को जल में काले तिल डालकर अभिषेक करना चाहिए और बेलपत्र अर्पित करने चाहिए।
कुंभ राशि
शत्रु बाधा और रोगों से मुक्ति के लिए कुंभ राशि के जातकों को सरसों के तेल या पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए।
मीन राशि
मीन राशि वालों को घी और गंगाजल से महादेव का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से भगवान शिव के साथ शनि देव की कृपा भी प्राप्त होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर एक लोटा गंगाजल चढ़ाना भी पूरे साल की हर शिवरात्रि के बराबर पुण्य का कार्य माना जाता है। भक्त अपनी राशि अनुसार अभिषेक करके, सही मंत्र जाप और श्रद्धा के साथ इस पावन दिन का लाभ उठा सकते हैं।
