Shani Trayodashi 2026: साल की पहली शनि त्रयोदशी कल, साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति के लिए करें ये महाउपाय

Shani Trayodashi 2026: साल 2026 की पहली शनि त्रयोदशी (शनि प्रदोष) 14 फरवरी को पड़ रही है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन का बहुत अधिक महत्व है, खासकर उन लोगों के लिए जो शनि की कठिन दशाओं से गुजर रहे हैं।

Shani Trayodashi 2026: Special Remedies Suggested for Those Under Sade Sati and Dhaiya (Image Credits: Wikimedia Commons)
Shani Trayodashi 2026: Special Remedies Suggested for Those Under Sade Sati and Dhaiya (Image Credits: Wikimedia Commons)

Shani Trayodashi 2026: साल 2026 की पहली शनि त्रयोदशी (शनि प्रदोष) 14 फरवरी को पड़ रही है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन का बहुत अधिक महत्व है, खासकर उन लोगों के लिए जो शनि की कठिन दशाओं से गुजर रहे हैं। वर्तमान में कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक शनि साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं, जबकि सिंह और धनु राशि वालों पर शनि ढैय्या चल रही है।

ऐसी मान्यता है कि शनि त्रयोदशी के दिन किए गए विशेष कर्मकांड और दान-पुण्य से शनि देव के प्रकोप में कमी आती है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

शनि दोषों से राहत पाने के अचूक उपाय

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए इस दिन सात्विक रहकर नीचे दिए गए उपायों को करने से विशेष लाभ मिलता है:

  • शनि और हनुमान जी की पूजा: शनि मंदिर जाकर शनि देव की विधिवत पूजा करें। इस दिन शनि चालीसा के साथ-साथ हनुमान चालीसा का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी होता है, क्योंकि हनुमान जी के भक्तों को शनि देव परेशान नहीं करते।
  • दीपदान और अर्पण: शनि देव की प्रतिमा के सामने सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएं। उन्हें शमी के फूल और नीले फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • शिवलिंग का अभिषेक: इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। शिव की भक्ति करने वालों पर शनि देव अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
  • पीपल की सेवा: पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और सात बार परिक्रमा करें।
  • दान का महत्व: अपनी सामर्थ्य के अनुसार काले वस्त्र, जूते, काली दाल, काले तिल या सरसों के तेल का दान करें। जरूरतमंदों को भोजन कराना भी शनि देव को प्रसन्न करने का एक सरल तरीका है।

छाया दान: शनि दोष मुक्ति का सबसे प्रभावशाली तरीका

छाया दान को शनि के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए सबसे अचूक उपाय माना गया है। इसकी विधि इस प्रकार है:

  1. एक मिट्टी या स्टील की कटोरी में सरसों का तेल भरें।
  2. शांत मन से उस तेल में अपनी पूरी परछाईं (चेहरा) देखें।
  3. देखते समय “ॐ शनैश्चराय नमः” मंत्र का मानसिक जाप करें।
  4. इसके बाद उस तेल को पात्र (कटोरी) सहित किसी डाकौत (तेल मांगने वाले) को दे दें या शनि मंदिर में रख आएं।
  5. विशेष ध्यान रखें: दान करने के बाद सीधे घर आएं और पीछे मुड़कर बिल्कुल न देखें।

शनि त्रयोदशी के ये उपाय न केवल साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करते हैं, बल्कि मानसिक शांति और कार्यक्षेत्र में सफलता भी प्रदान करते हैं।

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