लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदरसों में शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव लाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने मदरसों को मान्यता देने से पहले अवस्थापना संबंधी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसे केवल धार्मिक शिक्षा केंद्र बनकर न रह जाएं, बल्कि मदरसे के विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा के हर आयाम से लाभान्वित हों। उन्होंने मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हुए निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल मदरसों में सुधार करना नहीं है, बल्कि नवाचार और समावेशिता के माध्यम से मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 13,329 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं, जिनमें 12,35,400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट पर चिंता व्यक्त की और इस विषय पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया।
