जम्मू: वैष्णो देवी में बाढ़ और भूस्खलन की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास बचाव अभियान अब भी जारी है, जहां मंगलवार को भूस्खलन हुआ था। जानकारी के अनुसार, अर्धकुआरी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल जुटे हुए हैं और कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। बताते चलें कि भूस्खलन कटरा शहर से पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के लगभग बीच में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर घटना पर दुख जताया है।
यात्रा मार्ग और राहत अभियान
गौरतलब है कि वैष्णो देवी मंदिर तक जाने के दो रास्ते हैं। हिमकोटि मार्ग पर सुबह से ही यात्रा स्थगित कर दी गई थी, लेकिन पुराने रास्ते पर अपराह्न 1.30 बजे तक यात्रा जारी रही, जब अधिकारियों ने बारिश के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाते हुए इसे स्थगित करने का फैसला किया।
राहत सामग्री लेकर वायुसेना का सी-130 विमान जम्मू पहुंचा
राहत और बचाव सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना का एक सी-130 परिवहन विमान बुधवार को माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए जम्मू पहुंच गया। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का सामान लेकर सी130 परिवहन विमान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसेना अड्डे से रवाना होकर जम्मू पहुंचा। इसके अलावा, चिनूक और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर और पठानकोट के आस-पास के वायुसेना अड्डों पर “बिल्कुल तैयार स्थिति में” रखे गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुंवारी के पास वैष्णो देवी मार्ग पर बचाव अभियान जारी है, जहां मंगलवार को भूस्खलन हुआ था। जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार को चौथे दिन भी मूसलाधार बारिश जारी रहने के कारण बाढ़ग्रस्त निचले इलाकों से हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
