Justice Varma Cash Case: कैश कांड मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित जांच कमेटी के खिलाफ दायर उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब जस्टिस वर्मा को पद से हटाने की कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी। गौरतलब है कि जस्टिस वर्मा ने लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी की वैधता को कानूनी चुनौती दी थी।
इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा को 12 जनवरी को लोकसभा स्पीकर की कमेटी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था। उस वक्त अदालत ने समिति के गठन की प्रक्रिया में कुछ खामियां तो मानी थीं, लेकिन यह सवाल भी उठाया था कि क्या ये खामियां इतनी गंभीर हैं कि अदालत को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
अब याचिका को पूरी तरह खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जस्टिस वर्मा ने राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन द्वारा प्रस्ताव को खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती नहीं दी थी। चूंकि लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन, दोनों ने प्रस्ताव पास नहीं किया था, इसलिए इस स्थिति में किसी ‘जॉइंट कमेटी’ का गठन संभव नहीं है।
जस्टिस वर्मा की मुख्य आपत्ति यह थी कि लोकसभा अध्यक्ष ने ‘जजेज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968’ में निर्धारित प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया है। उन्होंने दलील दी थी कि लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस दिए जाने के बावजूद लोकसभा अध्यक्ष ने राज्यसभा सभापति से विचार-विमर्श किए बिना ही इस समिति का गठन कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
