Compensation for Dog Attack: दिल्ली में आवारा कुत्तों के हमले का एक मामला अब अदालत की दहलीज तक पहुंच गया है। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में आवारा कुत्ते के काटने से घायल हुई एक महिला ने 20 लाख रुपये का मुआवजा मांगा है। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) से जवाब तलब किया है। अदालत ने एमसीडी से कहा है कि वह पीड़िता की याचिका पर अपना पक्ष प्रस्तुत करे।
यह मामला इस साल मार्च 2025 का है, जब खिड़की गांव रोड के पास मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी महिला को आवारा कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और एक कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया। पीड़िता का दावा है कि यह एक सामूहिक हमला था, जिसमें उसे गंभीर शारीरिक चोट के साथ मानसिक और आर्थिक नुकसान भी हुआ।
महिला प्रियंका राय ने मुआवजे की गणना के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 2023 में तय फार्मूला अपनाया है। इस फार्मूले के तहत, 0.2 सेंटीमीटर के घाव पर 20,000 रुपये का मुआवजा तय किया गया है। प्रियंका ने अपने पैर में 12 सेंटीमीटर का गहरा घाव बताया है, जिसके आधार पर उन्होंने लगभग 12 लाख रुपये का हर्जाना मांगा है। इसके अलावा, उन्होंने कुत्ते के 42 दांतों के निशान के आधार पर प्रति निशान 10,000 रुपये यानी 4.2 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे हैं।
मानसिक आघात के लिए उन्होंने 3.8 लाख रुपये की मांग की है, जिससे कुल मुआवजा राशि 20 लाख रुपये बनती है। प्रियंका ने कहा कि यह घटना न केवल शारीरिक रूप से दर्दनाक थी, बल्कि इससे उनके आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ा है।
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2023 में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, जिसमें कहा गया था कि कुत्ते के काटने पर मुआवजा तय करने का स्पष्ट फार्मूला होना चाहिए। न्यायमूर्ति विनोद एस. भारद्वाज ने आदेश दिया था कि दांत के हर निशान पर कम से कम 10,000 रुपये और यदि मांस निकल गया हो तो 0.2 सेंटीमीटर के घाव पर 20,000 रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए।
यह फैसला उस समय 193 याचिकाओं की सुनवाई के बाद दिया गया था, जिनमें कुत्तों, गायों, बैलों और अन्य जानवरों के हमलों के मामले शामिल थे। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी से इस मामले पर जवाब मांगा है, ताकि यह तय किया जा सके कि राजधानी में भी ऐसे मामलों के लिए मुआवजे का समान फार्मूला लागू किया जा सकता है या नहीं।
