Delhi Red Fort Car Blast: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन मामले में जांच हर गुजरते घंटे के साथ नए मोड़ ले रही है। सोमवार शाम हुए इस भीषण धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। अब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ होने की आशंका गहराती जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हमले में शामिल आतंकी उमर मोहम्मद जैश के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और धमाके वाले दिन उसकी गतिविधियों पर अब सुरक्षा एजेंसियों की पूरी नजर है।
सूत्रों का दावा है कि घटना के दिन उमर मोहम्मद दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में सक्रिय था। CCTV फुटेज में उसे आई-20 कार के साथ चांदनी चौक से लेकर कनॉट प्लेस और मयूर विहार इलाके में घूमते हुए देखा गया है। इस फुटेज से जांच का फोकस अब विदेशी कनेक्शन पर केंद्रित हो गया है। माना जा रहा है कि विदेश में बैठे एक हैंडलर के इशारे पर ही उमर ने लाल किला ब्लास्ट को अंजाम दिया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस हैंडलर ने सोशल मीडिया एप्स के ज़रिए जैश मॉड्यूल को निर्देश दिए थे। सूत्रों का कहना है कि जांच में इस विदेशी हैंडलर की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की संभावना है।
गौरतलब है कि सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक आई-20 कार में धमाका हुआ था। बताया जा रहा है कि कार में पहले से विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। धमाके के बाद लाल किले और चांदनी चौक इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस विस्फोट में 12 लोगों की मौत और करीब 20 लोग घायल हुए थे।
शुरुआती जांच में इसे एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में विस्फोटकों के अवशेष मिलने के बाद इसे आतंकी हमले की श्रेणी में रखा गया। अब इस केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, उमर मोहम्मद ने खुद को विस्फोटकों के साथ कार में उड़ा लिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसका संबंध फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से था, जो लंबे समय से जैश के नेटवर्क के तहत काम कर रहा था।
लाल किला ब्लास्ट केस में मिले नए सबूत अब इस आतंकी साजिश के अंतरराष्ट्रीय तारों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। NIA की टीम लगातार सुराग जुटा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा।
