प्रयागराज में बुधवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट तकनीकी खराबी के बाद शहर के बीचों-बीच स्थित एक तालाब में जा गिरा। यह घटना केपी कॉलेज के पीछे बने तालाब में हुई, जहाँ अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। विमान के गिरते ही एक जोरदार धमाका हुआ, जिसे सुनकर आसपास के लोग सहम गए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
चश्मदीदों के अनुसार, विमान ने जब उड़ान भरी थी तब सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे तालाब के दलदल में जा धंसा। स्थानीय निवासी पदम सिंह ने बताया कि उन्होंने रॉकेट जैसी तेज आवाज सुनी और जब वे दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो विमान तालाब के भीतर था। बिना वक्त गंवाए स्थानीय लोग तालाब में कूद गए और विमान में फंसे लोगों की मदद की। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
An Indian Air Force (IAF) microlight aircraft plane crash was reported in Uttar Pradesh’s Prayagraj, during a routine training sortie, with both pilots safe and no civilian casualties reported.#PlaneCrash pic.twitter.com/g85I1tSdZ9
— GeoTechWar (@geotechwar) January 21, 2026
भारतीय वायुसेना ने पुष्टि की है कि यह माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट एक नियमित ट्रेनिंग उड़ान (सॉर्टी) पर था। सुखद बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। स्थानीय लोगों की फुर्ती और समय पर मिली मदद ने पायलटों को सुरक्षित बाहर निकालने में बड़ी भूमिका निभाई। फिलहाल वायुसेना और प्रशासन की संयुक्त टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है और क्रेन की मदद से विमान को तालाब से बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती तौर पर इसे तकनीकी खराबी या अचानक संतुलन बिगड़ने का मामला माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विमान के बाहर आने के बाद ब्लैक बॉक्स और अन्य उपकरणों की जांच की जाएगी, जिससे दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न डालें और बैरिकेडिंग के बाहर ही रहें।
