नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की फ्लाइट्स में देरी और रद्द होने का सिलसिला आठवें दिन भी जारी रहा। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों की बैठक में इंडिगो संकट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नियम-कानून बनाने का मकसद सिस्टम को बेहतर करना होना चाहिए, न कि आम नागरिकों को परेशान करना। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी कानून या नियम ऐसा नहीं होना चाहिए, जो लोगों के लिए बोझ बने, बल्कि नागरिकों की सुविधा और जीवन को आसान बनाने के लिए होना चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को देश और अपने संसदीय क्षेत्रों के लिए किए जाने वाले सुधारों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुधारों को हर क्षेत्र में लागू करने पर जोर दिया और तीसरे कार्यकाल में देश को तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बात की।
इंडिगो संकट के बीच नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए ने भी कड़ा एक्शन लिया। डीजीसीए ने इंडिगो को नोटिस जारी कर कहा कि एयरलाइन ने अपने शेड्यूल को समय पर संचालित करने की क्षमता नहीं दिखाई। इसके चलते एयरलाइन को अपने सभी सेक्टर में फ्लाइट्स के शेड्यूल में 5 प्रतिशत कटौती करने का निर्देश दिया गया है। इंडिगो को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक नया शेड्यूल जमा करना होगा।
साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के बड़े एयरपोर्ट्स की स्थिति का जायजा लेने के लिए डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और ज्वाइंट सेक्रेटरी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया है। ये अधिकारी मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम जैसे एयरपोर्ट्स का दौरा करेंगे और ऑपरेशनल हालात की समीक्षा करेंगे।
इस तरह सरकार ने इंडिगो की लगातार हो रही ऑपरेशनल परेशानियों को नियंत्रित करने और यात्रियों को राहत देने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
