Pappu Yadav Arrest: पटना में शुक्रवार आधी रात को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई जब भारी पुलिस बल ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के आवास पर धावा बोल दिया। घंटों चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने सांसद को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 35 साल पुराने एक धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद की गई है। गिरफ्तारी के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पप्पू यादव के समर्थक पुलिस की गाड़ियों पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की, वहीं सांसद खुद पुलिस अधिकारियों से बहस करते हुए इसे अपनी हत्या की साजिश बताते रहे।
पप्पू यादव शुक्रवार रात करीब 11 बजे दिल्ली से लोकसभा सत्र खत्म कर पटना लौटे थे। उनके घर पहुंचते ही पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस टीम वहां पहुंच गई। सांसद ने आरोप लगाया कि सादे लिबास में आए अफसरों ने उन्हें शुरू में वारंट नहीं दिखाया, जिससे उन्हें लगा कि अपराधी उन्हें मारने आए हैं। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि उन्हें थाने ले जाने के बजाय घर पर ही ‘हाउस अरेस्ट’ रखा जाए और वे सुबह खुद कोर्ट में पेश हो जाएंगे, लेकिन पुलिस अपनी जिद पर अड़ी रही। पुलिस का कहना था कि बार-बार बुलावे के बावजूद सांसद कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।
यह पूरा विवाद साल 1995 के एक मामले से जुड़ा है, जो पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता मकान मालिक विनोद बिहारी लाल का आरोप था कि पप्पू यादव ने निजी इस्तेमाल के नाम पर धोखाधड़ी से मकान किराए पर लिया और बाद में उसे राजनीतिक कार्यालय बना दिया। इस मामले में उन पर जालसाजी, घर में घुसपैठ और आपराधिक धमकी जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। लंबे समय तक एमपी-एमएलए विशेष अदालत में चल रहे इस ट्रायल के दौरान सांसद के उपस्थित न होने के कारण उनकी बेल टूट गई और कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया।
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस ले जाया गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार उन्हें इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि उन्होंने हाल ही में नीट छात्रों की मौत और गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर आवाज उठाई थी। फिलहाल पप्पू यादव पुलिस हिरासत में हैं और आज यानी शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। बिहार की सियासत में इस गिरफ्तारी ने एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट उन्हें जमानत देता है या उनकी हिरासत और बढ़ाई जाती है।
