मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में ‘गद्दार’ और ‘जयचंद’ जैसे शब्दों के साथ जुबानी जंग तेज हो गई है। उद्धव गुट के नेता संजय राउत द्वारा एकनाथ शिंदे को ‘जयचंद’ बताने पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बेहद तीखा पलटवार किया है। निशिकांत दुबे ने संजय राउत की तुलना पौराणिक पात्रों ‘नारद मुनि’ और ‘मंथरा’ से करते हुए उन्हें कलह की जड़ बताया है।
दरअसल, बीएमसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब तक का सबसे ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 89 सीटें जीती हैं। महायुति गठबंधन (BJP और शिंदे सेना) ने कुल 118 सीटों पर कब्जा जमाया है, जो बहुमत के आंकड़े (114) से चार अधिक है। इस हार से तिलमिलाए संजय राउत ने एकनाथ शिंदे पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर वे शिवसेना के ‘जयचंद’ बनकर बीजेपी से हाथ नहीं मिलाते, तो मुंबई में कभी बीजेपी का मेयर नहीं बन पाता। राउत ने चेतावनी दी कि मराठी मानुस शिंदे को हमेशा एक विश्वासघाती के तौर पर याद रखेगा।
संजय राउत के इस वार पर निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि संजय राउत दरअसल नारद मुनि और मंथरा का मिला-जुला रूप हैं, जो केवल विवाद पैदा करने का काम करते हैं। निशिकांत दुबे का यह हमला उस पुराने विवाद से भी जुड़ा है, जब उन्होंने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के ‘मराठी कार्ड’ को चुनौती देते हुए कहा था कि मुंबई अब किसी की निजी जागीर नहीं है।
नारद मुनि तथा मंथरा का मिला जुला रुप ही संजय राउत हैं https://t.co/A7uibKI1sT
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) January 16, 2026
मुंबई की 227 सीटों के जो अंतिम नतीजे सामने आए हैं, उनमें बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं, जिससे महायुति की कुल संख्या 118 पहुंच गई है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 65 सीटों से संतोष करना पड़ा है, जबकि राज ठाकरे की एमएनएस (MNS) केवल 6 सीटें ही जीत पाई। कांग्रेस ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है। इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि मुंबई की सत्ता पर पिछले तीन दशकों से चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व अब खत्म हो गया है और महायुति का मेयर बनना तय है।
