नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल ने तुर्कमान गेट के पास हाईकोर्ट के आदेश पर चलाए गए डेमोलिशन ड्राइव को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि जिस जमीन को लेकर कार्रवाई हुई, उसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। मेयर के अनुसार, वर्ष 1940 के आसपास लगभग 900 वर्ग मीटर भूमि एलएंडडीओ द्वारा एक कब्रिस्तान के लिए दी गई थी, जिसके दस्तावेज संबंधित कमेटी के पास हैं। समय के साथ उस जगह पर एक मस्जिद का निर्माण हुआ, लेकिन इसके बाद पास स्थित रामलीला ग्राउंड में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा कर लिया गया।
राजा इकबाल ने बताया कि रामलीला ग्राउंड के भीतर अवैध निर्माण किया गया था, जहां एक बैंक्वेट हॉल और अन्य सुविधाएं संचालित की जा रही थीं। इस अवैध निर्माण को हटाने का मामला माननीय हाईकोर्ट में गया, जहां संबंधित मैनेजमेंट कमेटी अपने दस्तावेजों के साथ पेश हुई। सभी तथ्यों को देखने के बाद हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया। मेयर ने कहा कि नगर निगम ने केवल उसी आदेश का पालन किया है।
डेमोलिशन ड्राइव को आधी रात में चलाए जाने पर उठे सवालों पर मेयर ने कहा कि इसमें दिन या रात का कोई सवाल नहीं है। मुद्दा सिर्फ अवैध निर्माण हटाने का था और उसी के तहत कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण हटाना नगर निगम का संवैधानिक कर्तव्य है और भविष्य में भी जहां कहीं ऐसा निर्माण पाया जाएगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
Delhi: On demolition drive near Faiz-e-Elahi Masjid Mayor Raja Iqbal Singh says, "Back in 1940, the LNDO had allocated a space for a cemetery. They had the proper documentation, and a mosque had been built on it. We have not touched any religious site. All the illegal… pic.twitter.com/MLQweXL5RA
— IANS (@ians_india) January 7, 2026
ड्राइव के दौरान पुलिस पर हुई पत्थरबाजी को लेकर राजा इकबाल ने कहा कि जब किसी मुद्दे को धार्मिक या राजनीतिक एंगल से देखा जाता है, तो कुछ लोग अपने फायदे के लिए जनता को गुमराह करते हैं और आक्रोश फैलाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम का किसी भी तरह के धार्मिक या राजनीतिक दृष्टिकोण से कोई लेना-देना नहीं है। निगम ने केवल माननीय हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया है।
डेमोलिशन से पहले नोटिस दिए जाने के सवाल पर मेयर ने कहा कि चूंकि यह कार्रवाई सीधे हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई थी, इसलिए सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन पहले ही हो चुका था।
इस बीच, मस्जिद को नुकसान पहुंचाए जाने की अफवाहों पर मेयर ने साफ शब्दों में कहा कि लोगों के बीच जानबूझकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने दोहराया कि किसी भी धार्मिक स्थल को न तो छुआ गया और न ही नुकसान पहुंचाया गया। कार्रवाई केवल उसी अवैध निर्माण तक सीमित रही, जहां बैंक्वेट हॉल चल रहा था। उन्होंने बताया कि लगभग सारा काम पूरा हो चुका है और बचे हुए मलबे को भी जल्द हटा लिया जाएगा।
