नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 126वीं कड़ी में देशवासियों से संवाद करते हुए कार्यक्रम के 125 एपिसोड पूरे होने पर संतोष जताया। संबोधन की शुरुआत शहीद भगत सिंह और गायिका लता मंगेशकर की जयंती पर श्रद्धांजलि से हुई। पीएम ने भगत सिंह को युवाओं के लिए प्रेरणा बताते हुए उनके साहस और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने अंग्रेजों को चुनौती देते हुए फांसी के बजाय गोली से मौत की मांग की थी। लता मंगेशकर को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने उनके देशभक्ति गीतों, वीर सावरकर से लगाव और व्यक्तिगत स्नेह का जिक्र किया।
नवरात्रि के अवसर पर पीएम ने नारी शक्ति का विशेष उल्लेख किया और भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और रूपा से बातचीत साझा की। दोनों अधिकारियों ने 2 अक्टूबर 2024 से 29 मई 2025 तक लगभग 47,500 किमी की विश्व परिक्रमा पूरी की। इस 238 दिनों की समुद्री यात्रा में उन्होंने तूफान, अत्यधिक ठंड और गर्मी का सामना किया। दल ने पॉइंट नीमो पर तिरंगा फहराने को सबसे यादगार अनुभव बताया और सफलता के लिए प्रशिक्षण, टीमवर्क और आत्मविश्वास को अहम बताया।
त्योहारों की चर्चा में प्रधानमंत्री ने छठ पूजा को वैश्विक उत्सव बताया और UNESCO की Intangible Cultural Heritage सूची में इसे शामिल कराने का प्रयास जारी होने का उल्लेख किया। उन्होंने कोलकाता की दुर्गा पूजा के पहले से सूची में होने का स्मरण भी कराया।
Sharing this month's #MannKiBaat. Do hear!
— Narendra Modi (@narendramodi) September 28, 2025
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2 अक्टूबर गांधी जयंती पर पीएम ने नागरिकों से खादी उत्पाद खरीदने और सोशल मीडिया पर #VocalForLocal के साथ साझा करने की अपील की। हैंडलूम और हैंडिक्राफ्ट के क्षेत्र में नवाचार के उदाहरण देते हुए तमिलनाडु के Yaazh Naturals, झारखंड के Johargram और बिहार की स्वीटी कुमारी की महिलाओं को मिथिला पेंटिंग से जोड़ने वाली पहल का जिक्र किया।
विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने डॉ. हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर के वाक्य “राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम” का हवाला देते हुए स्वयंसेवकों की सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती से पहले अयोध्या में रामलला के साथ निर्मित वाल्मीकि और निषादराज मंदिरों के दर्शन करने का आग्रह किया।
सांस्कृतिक कड़ियों में पीएम ने पेरिस के एक सांस्कृतिक संस्थान के 50 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने भूपेन हजारिका के गीत ‘मनुहे-मनुहार बाबे’ के सिंहली और तमिल अनुवाद का ऑडियो साझा कर सांस्कृतिक सेतु की सराहना की। साथ ही असम के गायक जुबीन गर्ग और चिंतक एस. एल. भैरप्पा के निधन पर श्रद्धांजलि दी।
अंत में प्रधानमंत्री ने त्योहारों के मौसम में ‘GST बचत उत्सव’ का उल्लेख करते हुए स्वदेशी उत्पादों की खरीद, स्थानीय कारीगरों का सम्मान और स्वच्छता के सामूहिक संकल्प की अपील की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ को खरीदारी का मंत्र बनाने पर जोर दिया।
