मध्य प्रदेश के सागर जिले में आयोजित रहस मेले के समापन समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्वाइकल कैंसर मुक्त मध्य प्रदेश बनाने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि 14 और 15 वर्ष की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी परंपराओं को जीवंत बनाए रखना समाज के संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का परिचायक है। उन्होंने सागर के रहस मेले की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखने के लिए विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर मुक्त भारत अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा अजमेर से और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोपाल से की गई है, जबकि सागर जिले में इसकी शुरुआत गढ़ाकोटा से की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और गौ सेवा को बढ़ावा देने की भी अपील की।
इस अवसर पर रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि रहस मेला अंत्योदय मेला का विस्तृत स्वरूप है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सहित शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि मेले में दिव्यांग प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
समारोह के दौरान एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का भी शुभारंभ किया गया। रहली विधानसभा क्षेत्र के गढ़ाकोटा में कक्षा नवमी की छात्रा गुनगुन दुबे को वैक्सीन लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। उप मुख्यमंत्री ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास की 14-15 वर्ष की बालिकाओं को यह वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि मध्य प्रदेश को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
