Kanpur Lamborghini Accident: कानपुर के बहुचर्चित लैंबॉर्गिनी कार एक्सीडेंट मामले में मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को अदालत से राहत मिल गई है। कोर्ट ने शिवम को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की अंडरटेकिंग पर जमानत दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस द्वारा मांगी गई 14 दिनों की रिमांड अर्जी को भी सिरे से खारिज कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
शिवम मिश्रा के वकील नरेश चंद्र त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस सरकार और कुछ नेताओं के दबाव में काम कर रही थी। वकील का दावा है कि कानून के अनुसार 7 साल से कम सजा वाले मामलों में सीधे गिरफ्तारी के बजाय कम से कम तीन बार नोटिस दिया जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने एक बार भी नोटिस सर्व नहीं किया। जब कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि गिरफ्तारी क्यों की गई, तो पुलिस का तर्क था कि आरोपी विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा था। हालांकि, पुलिस इस बात का जवाब नहीं दे पाई कि उन्होंने पूछताछ का प्रयास कब किया था।
हादसे को बताया ‘मामूली’
बचाव पक्ष के वकील ने इस घटना को तकनीकी खराबी के कारण हुआ एक ‘मामूली एक्सीडेंट’ करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि हादसे में एक व्यक्ति को मामूली चोट आई थी, जिससे समझौता भी हो चुका था। वकील के अनुसार, क्योंकि गाड़ी बहुत महंगी थी और शिवम एक बड़े कारोबारी परिवार से हैं, इसलिए पुलिस और राजनीतिक गलियारों में इसे अनावश्यक तूल दिया गया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शिवम को कानपुर से नहीं बल्कि दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और वे वर्तमान में हाई ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा पर आरोप था कि रविवार दोपहर ग्वालटोली स्थित वीआईपी रोड पर वे अपनी तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी चला रहे थे। इस दौरान कार अनियंत्रित होकर एक ऑटो और बुलेट से जा टकराई, जिससे चार लोग घायल हो गए थे। टक्कर के बाद कार फुटपाथ पर चढ़ गई थी। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद पीछे से आ रही एक अन्य कार में सवार सुरक्षाकर्मियों ने चालक को बचाने की कोशिश की थी, जिससे वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए थे। बाद में कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला गया था।
अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद अब बचाव पक्ष कार को रिलीज कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा। वहीं, पुलिस की थ्योरी और गिरफ्तारी के तरीके पर कोर्ट की टिप्पणियों ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ ला दिया है।
