नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में विवादित नारों के मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई की और वसंत कुंज नॉर्थ थाना में केस दर्ज किया। यह मामला जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में भड़काऊ और आपत्तिजनक नारे लगाकर शांति भंग की। इसके तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 352 और 353(1) के तहत केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना पांच जनवरी को हुई थी, जब जेएनयू छात्र संघ (JNU Students’ Union) के कुछ सदस्य ‘गुरिल्ला ढाबे के साथ प्रतिरोध की रात’ नामक कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। मूल रूप से यह कार्यक्रम 5 जनवरी, 2020 की यूनिवर्सिटी में हुई तोड़फोड़ के विरोध में रखा गया था। कार्यक्रम में लगभग 30-35 छात्र शामिल थे।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कार्यक्रम का स्वरूप बदल गया और कुछ छात्रों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद बीजेपी सहित कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई।
जेएनयू प्रशासन ने इस नारेबाज़ी को आचार संहिता का उल्लंघन बताया और शिकायत में विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम में शामिल छात्रों, जिनमें जेएनयूएसयू की वर्तमान अध्यक्ष अदिति मिश्रा भी शामिल हैं, के नाम दर्ज किए। प्रशासन ने आरोप लगाया कि नारे जानबूझकर और बार-बार लगाए गए। मंगलवार को प्रशासन ने एक बैठक भी की, जिसमें दोषी छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना पर चर्चा की गई।
