India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह की शुरुआत में दोनों देशों की ओर से एक साझा बयान (जॉइंट स्टेटमेंट) जारी किया जा सकता है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान किया था। इस फैसले को भारत के लिए एक अहम कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। ट्रंप के इस ऐलान के बाद अब अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भारत आने वाला है, जो इस डील की अंतिम रूपरेखा साझा करेगा।
सूत्रों के अनुसार, इस समझौते की सबसे अहम बात यह है कि भारत ने अपने कृषि, डेयरी और फिशरीज (मत्स्य पालन) जैसे संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्रों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। इन सेक्टरों में अमेरिका को कोई बड़ी रियायत नहीं दी गई है।
गौरतलब है कि भारत का रिकॉर्ड रहा है कि उसने स्विट्जरलैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन या यूरोपीय संघ (EU) के साथ किए गए किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में अपने कृषि और डेयरी सेक्टर से समझौता नहीं किया है। अमेरिका के साथ होने वाली इस नई ट्रेड डील में भी भारत ने इसी ‘रेड लाइन’ को बनाए रखा है।
सूत्रों का कहना है कि साझा बयान जारी होने के बाद इस समझौते से जुड़ी विस्तृत जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी।
सोमवार को ट्रेड डील की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि भारत 18 प्रतिशत टैरिफ के बदले रूस से तेल आयात बंद करेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि भारत अमेरिकी उत्पादों को अपने बाजार में ज़ीरो टैरिफ पर प्रवेश देगा और करीब 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान की खरीद करेगा।
