पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के झूठे आरोपों का करारा जवाब देते हुए भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को कठोर शब्दों में लताड़ लगाई है। शरीफ ने इस्लामाबाद की एक अदालत के बाहर हुए आत्मघाती हमले का आरोप भारत पर मढ़ा था, जिस पर भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने देश में संवैधानिक अराजकता और जनता के असंतोष से ध्यान भटकाने के लिए झूठे नैरेटिव गढ़ रहा है। भारत ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान की सच्चाई से पूरी दुनिया वाकिफ है और इस तरह के निराधार आरोपों से वह किसी को गुमराह नहीं कर सकता।
मंगलवार को इस्लामाबाद के जी-11 इलाके में स्थित अदालत परिसर के बाहर हुए आत्मघाती धमाके में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य घायल हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर अदालत के अंदर घुसने में असफल रहा और दोपहर करीब साढ़े 12 बजे फाटक के पास खुद को उड़ा लिया। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली।
इसके बावजूद, शहबाज शरीफ ने इस हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की। पाकिस्तानी सरकारी एजेंसी एपीपी के अनुसार, शरीफ ने कहा कि “ये हमले भारत प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य पाकिस्तान को अस्थिर करना है।” उन्होंने यहां तक दावा किया कि “भारत की शह पर अफगानिस्तान की धरती से पाकिस्तान पर हमले किए जा रहे हैं।”
Our response to media queries on remarks made by the Pakistani leadership⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) November 11, 2025
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भारत ने शरीफ के इन बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की पुरानी नीति है — अपनी विफलताओं और आंतरिक संकटों से ध्यान हटाने के लिए भारत पर झूठे आरोप लगाना। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत भ्रमित पाकिस्तानी नेतृत्व के इन निराधार आरोपों को पूरी तरह अस्वीकार करता है। पाकिस्तान में चल रही सैन्य-प्रेरित संवैधानिक अव्यवस्था से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की सच्चाई से भली-भांति परिचित है और ऐसे “हताशापूर्ण प्रयासों” से गुमराह नहीं होगा।
भारत का यह कड़ा रुख पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश देता है कि झूठ और प्रचार के सहारे वह न तो अपनी विफलताओं को छिपा सकता है और न ही वैश्विक समुदाय को भ्रमित कर सकता है।
