ज्योतिरादित्य सिंधिया के मार्गदर्शन में भारतीय डाक का डिजिटल कायाकल्प, 4.6 लाख कर्मियों को ट्रेनिंग

इस तकनीकी बदलाव की सफलता के लिए 4.6 लाख से अधिक कर्मचारियों को “ट्रेन – रीट्रेन – रिफ्रेश” के सिद्धांत पर प्रशिक्षित किया गया, जिससे इसका सुचारु रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित हुआ।

India Post Trains 4.6 Lakh Employees in Digital Transformation Led by Jyotiraditya Scindia
India Post Trains 4.6 Lakh Employees in Digital Transformation Led by Jyotiraditya Scindia

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के मार्गदर्शन में, डाक विभाग (डीओपी) ने एक बड़ा डिजिटल उन्नयन, आईटी 2.0 – एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT), सफलतापूर्वक शुरू किया है। यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य विभाग के सभी 1.65 लाख डाकघरों को आधुनिक बनाना है।

इस नई तकनीक का लक्ष्य देश के हर कोने में तेज, अधिक विश्वसनीय और नागरिक-केंद्रित डाक और वित्तीय सेवाएं लाना है।

एपीटी की प्रमुख विशेषताएँ

  • माइक्रो-सर्विसेज और ओपन API आधारित आर्किटेक्चर
  • सिंगल, यूनिफाइड यूजर इंटरफेस
  • क्लाउड-रेडी डिप्लॉयमेंट
  • बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक पूर्ण डिजिटल समाधान
  • क्यूआर-कोड भुगतान और ओटीपी आधारित डिलीवरी
  • ओपन नेटवर्क सिस्टम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी भरोसेमंद कनेक्टिविटी
  • 10-अंकों का अल्फान्यूमेरिक डिजिपिन (DIGIPIN) – डिलीवरी की सटीकता के लिए
  • बेहतर रिपोर्टिंग और डेटा विश्लेषण

यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से लागू की गई। मई-जून 2025 में कर्नाटक डाक मंडल में एक सफल प्रायोगिक परियोजना के बाद, इसे राष्ट्रव्यापी शुरू किया गया। यह प्रक्रिया 4 अगस्त, 2025 को पूरी हुई, जब 1.70 लाख से अधिक डाकघर, मेल ऑफिस और प्रशासनिक इकाइयाँ एपीटी पर सक्रिय हो गए।

इस तकनीकी बदलाव की सफलता के लिए 4.6 लाख से अधिक कर्मचारियों को “ट्रेन – रीट्रेन – रिफ्रेश” के सिद्धांत पर प्रशिक्षित किया गया, जिससे इसका सुचारु रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित हुआ।

यह नई प्रणाली पहले ही अपनी क्षमता साबित कर चुकी है, क्योंकि यह एक ही दिन में 32 लाख से अधिक बुकिंग और 37 लाख से अधिक डिलीवरी को सफलतापूर्वक संभाल चुकी है। एपीटी की सफलता भारतीय डाक के समर्पण और ग्रामीण-शहरी डिजिटल विभाजन को पाटने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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