चंडीगढ़: हरियाणा के सीनियर IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने सरकारी आवास में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को उनके आवास से उनका शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पूरन कुमार एडीजीपी रैंक के अधिकारी थे और इस समय वह पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, सुनारिया में सेवा दे रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही उन्हें तुरंत सेक्टर-16 के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम उनके आवास पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। पूरन कुमार 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उनकी पत्नी, आईएएस अधिकारी अमनपीत पी, इस समय एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान गई हुई हैं।
प्रमोशन पर उठाए थे सवाल, सीएम को लिखा था पत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब एक साल पहले आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने हरियाणा में चार बैचों (1991, 1996, 1997 और 2005) के आईपीएस अफसरों के प्रमोशन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी को एक पत्र भी लिखा था। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस को केवल वित्त विभाग की सहमति से ओवररूल करके यह प्रमोशन अवैध तरीके से किया गया है।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा था कि 11 अक्टूबर 2022 को उन्होंने तत्कालीन गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को एक प्रतिवेदन दिया था। इसमें उन्होंने माँग की थी कि 2001 बैच के अफसरों को डीआईजी रैंक में पदोन्नति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार विचार किया जाए, उनका वेतन दोबारा तय किया जाए और एरियर भी दिया जाए। पूरन कुमार ने शिकायत की थी कि इसका रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद भी आज तक इस मामले का निपटारा नहीं किया गया, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। पुलिस अब आत्महत्या के कारणों की गहराई से जाँच कर रही है।
