गांधीनगर: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज गांधीनगर के गिफ्ट सिटी में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) का दौरा किया। उन्होंने गिफ्ट अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र (गिफ्ट आईएफएससी) की प्रगति की समीक्षा की और प्रमुख बाजार सहभागियों के साथ गहन बातचीत की।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में गुजरात सरकार के वित्त, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री श्री कनुभाई देसाई, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के सभी विभागों के सचिव, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधिकारी, कानूनी मामलों के विभाग के अधिकारी, आरबीआई के डिप्टी गवर्नर, आईएफएससीए (अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण), गिफ्ट सिटी कंपनी लिमिटेड, सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के अध्यक्ष, आईआरडीएआई (भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण) के कार्यवाहक अध्यक्ष, तथा वित्त मंत्रालय और गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
गिफ्ट सिटी कंपनी लिमिटेड और आईएफएससीए ने अपनी प्रस्तुति में गिफ्ट आईएफएससी को एक अग्रणी वैश्विक वित्तीय केंद्र के तौर पर स्थापित करने के उद्देश्य से किए गए प्रमुख नीतिगत, विनियामक और कर सुधारों पर प्रकाश डाला।

वित्त मंत्री का संबोधन और निर्देश
अपने संबोधन में, श्रीमती सीतारमण ने भारत की वैश्विक वित्तीय स्थिति को बढ़ाने में गिफ्ट आईएफएससी की भूमिका की सराहना की और भारतीय कंपनियों तथा लोगों की ओर से अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय जुड़ाव को नया रूप देने में इसके प्रभाव को स्वीकार किया। उन्होंने अगले कुछ वर्षों में ही सुधारों को तेज करने पर जोर दिया, ताकि विकास को ‘विकसित भारत @2047’ के विचार के साथ संरेखित किया जा सके।
श्रीमती सीतारमण ने गिफ्ट आईएफएससी के मुख्य अधिदेश को दोहराते हुए कहा कि इसका ध्यान संरचित और सुव्यवस्थित चैनलों के माध्यम से भारत में विदेशी पूंजी लाने पर होना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में गिफ्ट आईएफएससी की महत्वाकांक्षी जरूरतों की पहचान करने के लिए पहल करने हेतु भारतीय वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के महत्व पर भी जोर दिया। केंद्रीय वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि प्रौद्योगिकी और बहुत बड़े घरेलू बाजार की उपलब्धता तथा इसकी वित्तपोषण आवश्यकताओं से संबंधित भारत के दोहरे लाभों का लाभ उठाकर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हासिल किया जाना चाहिए।
श्रीमती सीतारमण ने अधिकारियों से देश में उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों (HNI) के निवेश को आकर्षित करने के लिए गिफ्ट आईएफएससी को अधिक प्रतिस्पर्धी और लागत प्रभावी बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने देश की वित्तीय जरूरतों के लिए आईएफएससी में सॉवरेन और पेंशन फंड जुटाने में आईएफएससीए की भूमिका की क्षमता को रेखांकित किया। इसके साथ ही, उन्होंने एक गहन और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल सुनिश्चित करने के लिए गिफ्ट आईएफएससी के विस्तारित अधिदेश के साथ प्रतिभा विकास के संरेखण पर भी जोर दिया।
भारत की प्रमुख स्वर्ण आयातक स्थिति को देखते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री ने हितधारकों की भागीदारी का विस्तार करके और मूल्य निर्धारण को मजबूत करके इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) में कार्यान्वयन को बेहतर करने की जरूरतों पर जोर दिया, जिससे गिफ्ट आईएफएससी को एक वैश्विक बुलियन हब के तौर पर स्थापित किया जा सके।

बाजार सहभागियों के साथ गोलमेज बैठक
केंद्रीय वित्त मंत्री ने 21 संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज बैठक की, जिसमें बैंकिंग, बीमा, पूंजी बाजार, फंड उद्योग, वित्त कंपनियों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, विमान और जहाज पट्टे पर देने वाली फर्मों, टेकफिन फर्मों, आईटीएफएस प्लेटफॉर्म प्रदाताओं और विदेशी विश्वविद्यालयों के एमडी और सीईओ, अध्यक्षों, संस्थापकों और सीएफओ के साथ बातचीत की गई।
गोलमेज सम्मेलन के दौरान, विभिन्न बाजार सहभागियों ने आईएफएससी से परिचालन के अपने अनुभवों पर प्रकाश डाला और आईएफएससीए की ओर से व्यवसाय स्थापित करने की सुविधा की सराहना की। प्रतिभागियों ने वित्तीय सेवा व्यवसाय के विकास के लिए और अधिक अवसर प्राप्त करने हेतु अतिरिक्त पहल का भी सुझाव दिया।
Union Minister for Finance and Corporate Affairs Smt. @nsitharaman chaired a meeting with market participants at @GIFTCity_ and @IFSCA_Official, in Gujarat, today.
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) June 26, 2025
Senior industry leaders from more than 20 market participants, including from leading banks, insurance companies,… pic.twitter.com/27Tytn640F
भविष्य की राह: वैश्विक पूंजी के लिए प्रवेश द्वार
प्रतिभागियों के रचनात्मक सुझावों की सराहना करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से बीते कुछ वर्षों में निवेशकों के साथ इस तरह की नियमित बातचीत से चिंताओं को दूर करने और व्यापार वृद्धि को सक्षम बनाने में मदद मिली है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि गिफ्ट आईएफएससी को भारत में वैश्विक पूंजी प्रवाह के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए, जिससे अगले दो दशक में भारत के विकास पथ के लिए उच्च विकास क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
श्रीमती सीतारमण ने गिफ्ट सिटी को एक गतिशील स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया, जो एकीकृत, आधुनिक और संपोषित बुनियादी ढांचे से सुसज्जित हो। उन्होंने कहा कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों से शीर्ष स्तर की प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए ऐसी विश्व स्तरीय सुविधाएं स्थापित करना आवश्यक है।
👉 Union Minister for Finance & Corporate Affairs Smt. @nsitharaman visits International Financial Services Centre (@IFSCA_Official) at @GIFTCity_, Gandhinagar, today
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) June 26, 2025
👉 FM Smt. @nsitharaman reviews progress of GIFT IFSC and also interacts with 21 key market participants from… pic.twitter.com/hV2Df9SgON
