जम्मू-कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने इस इलाके में कई बार संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे हैं। यह घटनाएं सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं और BSF का मानना है कि इन ड्रोनों का इस्तेमाल भारत में हथियार या ड्रग्स की खेप पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
लगातार चौथी बार देखा गया संदिग्ध ड्रोन
हाल ही में, जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक संदिग्ध ड्रोन को भारतीय सीमा में मंडराते हुए देखा गया। यह इस महीने में चौथी बार है जब इस तरह की गतिविधि देखी गई है। यह ड्रोन शाम करीब 7 बजे दिखा, जिसके बाद BSF ने तुरंत पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों को संदेह है कि इस ड्रोन ने भारत में हथियारों या नशीले पदार्थों की खेप गिराई है।
हथियार या ड्रग्स, मकसद क्या है?
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान इन ड्रोनों का इस्तेमाल सीमा पार से हथियार और ड्रग्स भेजने के लिए कर रहा है। हाल ही में, BSF ने एक तलाशी अभियान के दौरान सीमा चौकी क्षेत्र में एक AK-सीरीज़ की असॉल्ट राइफल और एक मैगज़ीन बरामद की थी। इसके अलावा, 13 सितंबर को अखनूर में राज्य पुलिस को एक थर्मल पेलोड वाला ड्रोन मिला था। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि पाकिस्तान सीमा पर अस्थिरता फैलाने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है।
पहले भी कर चुका है हिमाकत
इससे पहले भी, 6 सितंबर को सांबा जिले में एक सैन्य छावनी के ऊपर एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया था। सुरक्षाबलों ने तुरंत तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कुछ खास हाथ नहीं लगा। इन लगातार हो रही घटनाओं ने सुरक्षाबलों की चिंता बढ़ा दी है। BSF इन ड्रोनों को रोकने और पाकिस्तान के नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए लगातार काम कर रही है। सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है और तलाशी अभियान भी तेज कर दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ को तुरंत रोका जा सके।
