हैदराबाद, तेलंगाना: रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) और एम्स बीबीनगर ने 14 जुलाई, 2025 को एम्स बीबीनगर, तेलंगाना में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और विकसित पहले ‘मेक-इन-इंडिया’ लागत प्रभावी उन्नत कार्बन फाइबर फुट प्रोस्थेसिस (कृत्रिम पैर) का अनावरण किया। यह अनुकूलित कार्बन फुट प्रोस्थेसिस (एडीआईडीओसी) आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत एक बड़ी सफलता है।
डीआरडीएल के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और निदेशक डॉ. जी.ए. श्रीनिवास मूर्ति और एम्स बीबीनगर के कार्यकारी निदेशक डॉ. अहंतेम सांता सिंह ने इस कृत्रिम पैर का अनावरण किया।
यह कृत्रिम पैर, जिसे एडीआईडीओसी नाम दिया गया है, का 125 किलोग्राम तक भार के लिए बायोमैकेनिकल परीक्षण किया गया है और इसमें पर्याप्त सुरक्षा कारक मौजूद है। विभिन्न भार के रोगियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह तीन प्रकारों में उपलब्ध है।
इस पैर को उच्च-गुणवत्ता और किफायती समाधान प्रदान करने के लक्ष्य के साथ डिज़ाइन किया गया है ताकि यह ज़रूरतमंद लोगों को अंतरराष्ट्रीय मॉडलों की तरह आसानी से उपलब्ध हो सके।
यह नवाचार कृत्रिम पैर के उत्पादन की लागत में उल्लेखनीय कमी लाएगा। उम्मीद है कि इसकी लागत लगभग 20,000 रुपये से भी कम हो जाएगी, जबकि वर्तमान में आयातित समान उत्पादों की लागत लगभग दो लाख रुपये है।
इस विकास से देश में निम्न आय वर्ग के दिव्यांगों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंगों तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। यह आयातित तकनीकों पर निर्भरता को कम करेगा और दिव्यांगजनों के व्यापक सामाजिक एवं आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देगा।
DRDL, DRDO and AIIMS Bibinagar has jointly developed a first “Made in India” cost effective high profile advanced Carbon Fibre Foot Prosthesis-ADIDOC (AIIMS Bibinagar – DRDL, DRDO Indigenously Developed Optimised Carbon Foot Prosthesis).
— DRDO (@DRDO_India) July 15, 2025
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