नई दिल्ली: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेल केवल पेशा या मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। नई दिल्ली में स्पोर्टस्टार एक्स केपीएमजी प्लेकॉम बिज़नेस ऑफ़ स्पोर्ट्स समिट 2025 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने देशवासियों से खेलों को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा – “भारत की हर गली खेल का मैदान बननी चाहिए और हर मंच पर भारत का झंडा लहराना चाहिए।”
डॉ. मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेल जगत में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसी पहलों की सफलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया के शीर्ष पाँच खेल राष्ट्रों में स्थापित करने के लिए सरकार 10-वर्षीय और 25-वर्षीय योजनाओं पर काम कर रही है।
उन्होंने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 को एथलीट-केंद्रित शासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। इसमें विवाद निवारण तंत्र और महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही खेलो भारत नीति-2025 का भी उल्लेख किया, जिसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
Addressed the PLAYCOM Business of Sports Summit 2025 in New Delhi.
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) September 12, 2025
Highlighted Bharat’s remarkable progress in sports under PM Shri @narendramodi ji’s leadership. With reforms, infrastructure, and athlete-centric policies, Bharat is set to lead on the global sporting map. pic.twitter.com/Ou7eepRjxY
मंत्री ने कहा कि अकादमियों, पेशेवर लीगों और जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देकर ही भारत भविष्य के चैंपियनों को तैयार कर पाएगा। उन्होंने सभी हितधारकों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया ताकि भारत खेल जगत की महाशक्ति बन सके।
इस अवसर पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी.टी. उषा, द हिंदू समूह की अध्यक्ष डॉ. निर्मला लक्षम और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। डॉ. मांडविया ने भारत मंडपम में स्पोर्ट्स टेक एंड मैन्युफैक्चरिंग एक्सपो का भी उद्घाटन किया।
