Delhi Police Encounter: दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार देर रात बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक बड़ा और सफल ऑपरेशन चलाया। इस मुठभेड़ में बिहार के चार मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मारे गए। मरने वालों में कुख्यात गैंग सरगना रंजन पाठक भी शामिल है, जो लंबे समय से बिहार पुलिस की रडार पर था।
गैंग सरगना रंजन पाठक पर था 25 हजार का इनाम
कुख्यात गैंगस्टर रंजन पाठक पर हत्या, रंगदारी और लूट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। वह ‘सिग्मा एंड कंपनी’ के नाम से अपना गैंग चलाता था। जानकारी के अनुसार, इस गैंग ने बिहार के सीतामढ़ी और आस-पास के इलाकों में 5 हाईप्रोफाइल हत्याओं को अंजाम दिया था। रंजन पाठक पर बिहार पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था।
मुठभेड़ की घटना और मारे गए अपराधी
यह मुठभेड़ बुधवार देर रात करीब 2:20 बजे रोहिणी के बहादुर शाह मार्ग पर डॉ. अंबेडकर चौक से पंसाली चौक के बीच हुई। पुलिस को इस गैंग की दिल्ली में मौजूदगी की खुफिया सूचना पहले ही मिल चुकी थी। जैसे ही संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चारों बदमाश मौके पर ही ढेर हो गए।
मुठभेड़ के बाद चारों को तुरंत डॉ. भीमराव अंबेडकर (बीएसए) अस्पताल, रोहिणी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी भी पुलिसकर्मी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
मारे गए अपराधियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- रंजन पाठक (25 वर्ष): पिता मनोज पाठक, निवासी मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी, बिहार। (गैंग सरगना)
- बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25 वर्ष): पिता सुखला देवी, निवासी रतनपुर, थाना बजपट्टी, जिला सीतामढ़ी।
- मनीष पाठक (33 वर्ष): पिता अरविंद पाठक, निवासी मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी।
- अमन ठाकुर (21 वर्ष): पिता संजीव ठाकुर, निवासी शेरपुर, करावल नगर, दिल्ली।
पुलिस के मुताबिक, रंजन पाठक गैंग लंबे समय से बिहार (सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और मधुबनी) में कई बड़ी वारदातों में शामिल था और हाल ही में दिल्ली में छिपकर अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था।
